अम्बिकापुर / स्व-सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता की राह आसान कर रहे हैं। समूह से मिलने वाली आर्थिक सहायता के जरिए महिलाएं छोटे व्यवसाय शुरू कर न केवल अपनी आमदनी बढ़ा रही हैं, बल्कि परिवार की जिम्मेदारियां भी स्वयं संभाल रही हैं। अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम लिबरा की लाजो की कहानी भी इसी बदलाव को सामने लाती है। समूह से मिले एक लाख रुपये के ऋण से उन्होंने दुकान और ठेला शुरू किया और आज यही व्यवसाय उनके परिवार की आजीविका का आधार बन गया है।
लाजो बताती हैं कि उनके पास खेती-बाड़ी नहीं है। ऐसे में परिवार के भरण-पोषण के लिए नियमित आय का साधन जुटाना जरूरी था। स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें एक लाख रुपये का ऋण मिला। इस राशि का उपयोग उन्होंने अपना छोटा व्यवसाय शुरू करने में किया। दुकान के साथ वे ठेला भी चला रही हैं और इससे होने वाली आय से परिवार की जरूरतों को पूरा कर रही हैं।
’चार सदस्यीय परिवार का बनीं सहारा’
लाजो के बतातीं है उनके परिवार में चार सदस्य हैं और खेती-बाड़ी नहीं होने के कारण उनके व्यवसाय से होने वाली कमाई ही परिवार के लिए महत्वपूर्ण
सहारा है। वे कहती हैं कि आज वे अपने पैरों पर खड़ी हैं। ठेले से होने वाली आय से घर का खर्च चलाने के साथ व्यवसाय को भी आगे बढ़ा रही हैं।
उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि स्वरोजगार से प्राप्त आमदनी के जरिए वे समूह से लिए गए ऋण की जिम्मेदारी भी निभा रही हैं। लाजो बताती हैं कि वे ऋण का हैं और साथ-साथ परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं। उनका कहना है कि व्यवसाय अच्छी तरह चल रहा है और इससे उन्हें आर्थिक रूप से अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर मिला है।
’समूह की मदद से मिली आत्मनिर्भरता की राह’
समूह से मिला एक लाख रुपये का ऋण लाजो के लिए केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने उन्हें स्वयं का काम शुरू करने का अवसर दिया। खेती का साधन नहीं होने के बावजूद उन्होंने स्वरोजगार को अपनी आजीविका बनाया। नियमित रूप से व्यवसाय चलाते हुए परिवार की जरूरतें पूरी करने और ऋण की राशि चुकाने से उनमें आर्थिक आत्मनिर्भरता का विश्वास बढ़ा है।
उन्होंने इस सहयोग के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समूह से मिली मदद के कारण वे आज परिवार चला पा रही हैं और स्वयं भी अपने पैरों पर खड़ी हैं।










