अम्बिकापुर। शहर के पुराने जलस्रोतों को बचाने के लिए प्रशासन और नगर निगम ने मंगलवार को सख्त कदम उठाते हुए भातूपारा तालाब पर किए गए अवैध कब्जे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू की। सुबह से ही प्रशासनिक अमला और निगम की टीम मौके पर पहुंची और तालाब को पाटकर किए गए अतिक्रमण को हटाने का कार्य प्रारंभ किया गया।
जानकारी के अनुसार, रिंग रोड से लगे भातूपारा क्षेत्र में स्थित इस पुराने तालाब के बड़े हिस्से को एक होटल व्यवसायी द्वारा अवैध रूप से पाट दिया गया था। होटल “पर्पल आर्किड” के संचालक ने तालाब की जमीन पर मिट्टी भरवाकर बाउंड्रीवाल तक खड़ी कर दी थी। बताया जा रहा है कि लगभग 12 एकड़ क्षेत्रफल वाले इस तालाब में अब केवल करीब 2 एकड़ हिस्सा ही शेष रह गया था, जिससे स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश था।
मामले को लेकर मोहल्लेवासियों, स्थानीय पार्षद तथा कांग्रेस पार्षद शुभम जायसवाल द्वारा लगातार विरोध और शिकायत की जा रही थी। तालाब के प्राकृतिक जल निकासी मार्ग को भी बंद कर दिए जाने से आसपास जलभराव की स्थिति बनने लगी थी। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए नगर निगम ने पहले ही होटल संचालक मुकेश अग्रवाल को नोटिस जारी किया था।
नगर निगम आयुक्त डी.एन. कश्यप ने 13 अप्रैल को जारी नोटिस में खसरा क्रमांक 4740/3 की 73 डिसमिल भूमि पर किए गए अतिक्रमण को सात दिनों के भीतर हटाने के निर्देश दिए थे। हालांकि, निर्धारित समयावधि में संबंधित व्यवसायी द्वारा कोई जवाब या कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए सीधे कार्रवाई का निर्णय लिया।
मंगलवार सुबह निगम और प्रशासन की संयुक्त टीम भारी मशीनरी के साथ मौके पर पहुंची। चार जेसीबी और डंपरों की मदद से तालाब में डाली गई मिट्टी को हटाने का काम शुरू किया गया। साथ ही, अवैध रूप से बनाई गई बाउंड्रीवाल को भी ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में पुलिस बल भी तैनात रहा, ताकि किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
निगम आयुक्त ने बताया कि तालाब पर हुए अतिक्रमण की विस्तृत जांच राजस्व विभाग के माध्यम से कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि शहर के जलस्रोतों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि तालाब को उसके मूल स्वरूप में पुनर्स्थापित किया जाएगा। गौरतलब है कि भातूपारा तालाब शहर के प्रमुख पुराने जलस्रोतों में से एक रहा है, जिसका संरक्षण पर्यावरण और जल संतुलन के लिए बेहद आवश्यक है।
प्रशासन की इस कार्रवाई को शहर में जल संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।










