पांच किमी का सफर महज सौ मीटर में होगा तय
हाथियों के कुचलने से राहगीर की हो चुकी है मौत
ओड़गी। ब्लॉक का सुदूर खोड़ क्षेत्र, जहां के ग्रामीणों को एक अदद पुलिया का इंतजार है। यह सिर्फ एक पुलिया नहीं, बल्कि 400 जिंदगियों की जीवनरेखा होगी। आज 5 किलोमीटर का जो जानलेवा सफर है, पुलिया बनी तो वह महज 100 मीटर का सुरक्षित रास्ता बन जाएगा।स्थानीय ग्रामीण उदय वर्मा का कहना है कि खोड़ क्षेत्र के लोग, जिनमें मासूम स्कूली बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं, हर साल बारिश में नाले के उफान से त्रस्त रहते हैं। जब नाला लबालब भर जाता है, तो 100 मीटर का सीधा रास्ता 5 किलोमीटर के घुमावदार और खतरनाक जंगल मार्ग में बदल जाता है। यह सिर्फ दूरी नहीं बढ़ाती, बल्कि हर कदम पर मौत का साया मंडराता है। इस संबंध में मंत्री, विधायक, गांव के ग्राम सभा में, सुशासन तिहार, प्रशासन को आवेदन व अवगत करा चुके हैं परन्तु अभी तक कोई ठोस पहल नहीं किया गया है।इस 5 किलोमीटर के वैकल्पिक मार्ग पर जंगली जानवरों का खतरा हमेशा बना रहता है। ग्रामीणों की आंखों में आज भी उस
खौफनाक मंजर की दहशत है, जब कुछ समय पहले इसी रास्ते पर हाथियों ने एक राहगीर को बेरहमी से कुचलकर मार डाला था। उस घटना के बाद से खोड़ के लोग हर पल डर के साये में जीते हैं।स्थानीय ग्रामीण संजय जायसवाल ने कहा इस नाले पर एक छोटी सी पुलिया बन जाएगा तो यह पुलिया न केवल उनके बच्चों को स्कूल जाने का सुरक्षित रास्ता देगी, बल्कि बुजुर्गों को भी राहत मिलेगी। सबसे बढ़कर, यह उन्हें जंगली हाथियों और अन्य खूंखार जानवरों के हमलों से बचाएगी। साथ ही ग्रामीणों ने शासन प्रशासन से हाथ जोड़कर विनती की है कि उनकी इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान दिया जाए और पुलिया निर्माण का कार्य अविलंब शुरू किया जाए, ताकि खोड़ के लोग भी चैन की सांस ले सकें। इस मौके पर शिवप्रसाद, नाथु राम वर्मा, रुकमन सिंह, किसुन यादव, भोलेनाथ यादव, विक्रम सिंह, अनमोल सिंह, कृष्णा सिंह, देव सिंह, विनोद सिंह, जय करन सिंह, गुलाब सिंह, उदय पंडों, सुखराम पंडों, गुलाब सिंह, करम सिंह, भरत व्यास जायसवाल, नीरज जायसवाल समेत भारी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहें।







