नियमितीकरण की मांग को लेकर संविदा कर्मचारियों ने भाजपा जिलाध्यक्ष को सौंपा ज्ञापन
सूरजपुर। छत्तीसगढ़ में संविदा कर्मचारियों का असंतोष अब खुलकर सामने आने लगा है। सर्व संविदा कर्मचारी महासंघ के बैनर तले कर्मचारियों ने नियमितीकरण और चुनावी वादों को पूरा करने की मांग को लेकर भाजपा जिला अध्यक्ष को एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन में राज्य के 50 हजार से अधिक संविदा कर्मचारियों की गहरी चिंता और पीड़ा को प्रमुखता से उठाया गया है। जिसमे मोदी की गारंटी’ और वादाखिलाफी: विधानसभा चुनाव 2023 के दौरान भाजपा के घोषणा पत्र में संविदा कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान का वादा किया गया था। चुनाव में भारी समर्थन मिलने और सरकार बनने के ढाई वर्ष बीत जाने के बाद भी इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई न होने से कर्मचारियों में भारी निराशा है।कमेटी की निष्क्रियता: चुनाव के पश्चात सरकार द्वारा एक समिति का गठन तो किया गया, लेकिन आज तक
उस समिति की कार्यवाही या प्रगति का कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिला है। कर्मचारी आज भी पुरानी अस्थिर और असुरक्षित स्थिति में जीवनयापन करने को विवश हैं, यहाँ तक कि कई जगहों पर समय पर वेतन तक नहीं मिल रहा है।संगठन से सीधी अपील: कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि वे अब सरकार के साथ-साथ सीधे पार्टी संगठन और नेतृत्व की ओर देख रहे हैं ताकि ‘मोदी की गारंटी’ के तहत उनके जीवन में सकारात्मक और स्थायी बदलाव लाया जा सके।ज्ञापन हेतु शैलेन्द्र जायसवाल, मिली रानी कर, विनीता साहू, विशनी राजवाड़े, गीता सिंह, सविता, वरुण संधानी, बृजलाल पटेल, अमित सिंह, अनिल कुमार, प्रवीण ठाकुर, अहिबरन सिंह, मनप्रीत सिंह, प्रदीप, संजय, हंस लाल, अशोक साहू, राजेश साहू सहित बड़ी संख्या में संविदा कर्मचारी उपस्थित रहे।







