अंबिकापुर। सरगुजा जिले में 14 वर्षीय आदिवासी नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के बहुचर्चित मामले में फरार चल रहे उपसरपंच के पति तरुण
कुमार जायसवाल को आखिरकार पुलिस ने बिहार की राजधानी पटना से गिरफ्तार कर लिया है। करीब 10 दिनों से फरार आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदलकर पुलिस को चकमा दे रहा था। पुलिस के अनुसार वह मोबाइल बंद रखता था और जरूरत पड़ने पर राहगीरों से मोबाइल लेकर अपने परिचितों से संपर्क करता था। सरगुजा पुलिस की विशेष टीम ने बिहार पुलिस के सहयोग से आरोपी को हिरासत में लेकर ट्रांजिट रिमांड प्राप्त कर लिया है और उसे अंबिकापुर लाया जा रहा है।
इस मामले में आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर एक दिन पहले सर्व आदिवासी समाज ने उग्र प्रदर्शन किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी एवं एसएसपी राजेश अग्रवाल के निर्देश पर दो विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया था। आरोपी की गिरफ्तारी पर 5 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।
बता दें कि कोतवाली थाना क्षेत्र के एक गांव की कक्षा सातवीं में पढ़ने वाली नाबालिग छात्रा 20 जुलाई को उपसरपंच के घर घरेलू काम करने गई थी। पीड़िता सुबह-शाम घर का काम और भोजन बनाने का कार्य करती थी। आरोप है कि इसी दौरान उपसरपंच के पति तरुण कुमार जायसवाल ने छात्रा को मोबाइल पर अश्लील वीडियो दिखाया और उसके साथ दो बार दुष्कर्म किया। विरोध करने पर आरोपी ने उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। पीड़िता के अनुसार, अगले दिन आरोपी ने उसके पिता को 8 लाख रुपये देने का प्रस्ताव रखा और इस संबंध में एक पंचनामा भी तैयार कराया। साथ ही पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है।
घटना के बाद 22 जुलाई को करीब 100 ग्रामीणों के साथ पीड़िता का परिवार कोतवाली थाना पहुंचा, जहां आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 65(1) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 4 एवं 6 के तहत अपराध दर्ज किया गया। एफआईआर दर्ज होने की भनक लगते ही आरोपी अंबिकापुर स्थित अपने फ्लैट से फरार हो गया। भागने के दौरान उसने सूरजपुर जिले के रनहत स्थित अपने ससुराल में अपनी कार छोड़ दी और वहां से भी निकल गया।
देवघर से पुरी, रांची होते हुए पहुंचा पटना
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। विशेष टीम ने उसके बैंक खातों को फ्रीज कराया, वाहन की ट्रैवल
हिस्ट्री खंगाली और उसके संपर्क में रहने वाले लोगों के मोबाइल नंबरों की तकनीकी जांच की। पुलिस टीम ने देवघर, वासुकीनाथ, पुरी और रांची सहित कई संभावित ठिकानों पर दबिश दी। आखिरकार बिहार की राजधानी पटना में उसके होने की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस के सहयोग से उसे हिरासत में ले लिया गया।
लाइसेंसी बंदूक पहले ही हो चुकी थी जब्त
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई के दौरान उसके नाम पर जारी 12 बोर डीबीबीएल लाइसेंसी बंदूक और लाइसेंस पहले ही जब्त कर लिया था। पुलिस के अनुसार लाइसेंस निरस्त होने के बाद यह कार्रवाई की गई थी।
ट्रांजिट रिमांड पर अंबिकापुर लाया जा रहा आरोपी
पटना की अदालत में पेश करने के बाद पुलिस ने आरोपी का ट्रांजिट रिमांड प्राप्त कर लिया है। अब उसे अंबिकापुर लाया जा रहा है, जहां पूछताछ के बाद मामले में आगे की विवेचना की जाएगी। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच जारी है और आवश्यक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।








