बलरामपुर / जिले के विकासखंड वाड्रफनगर अंतर्गत ग्राम लोधी में एक पशुपालक परिवार के लिए खुशी का क्षण अचानक चिंता में बदल गया, जब श्री विजय धुर्वे के यहां जन्मा बछड़ा जन्मजात विकृति के कारण बिना मलद्वार के पैदा हुआ। यह स्थिति बछड़े के जीवन के लिए गंभीर खतरा थी। परिस्थिति की जानकारी मिलते ही पशुधन विकास विभाग की टीम ने संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय देते हुए तत्काल मौके पर पहुंचकर बछड़े का परीक्षण किया। चिकित्सकीय जांच में शल्यक्रिया ही एकमात्र विकल्प को अपनाते हुए जोखिमपूर्ण स्थिति के बावजूद पशु चिकित्सकों ने साहस के साथ ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। कुशल पशु चिकित्सा दल द्वारा सावधानीपूर्वक सफल शल्यक्रिया कर बछड़े के लिए कृत्रिम मलद्वार का बनाया गया। ऑपरेशन के बाद बछड़ा पूरी तरह सुरक्षित है और चिकित्सकों की
निगरानी में निरंतर स्वस्थ हो रहा है।
पशुपालक श्री विजय धुर्वे ने भावुक होकर कहा कि यदि समय पर उपचार नहीं मिलता तो उनके पशुधन को बचाना संभव नहीं था। उन्होंने प्रशासन एवं विभागीय टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। उल्लेखनीय है कि आधुनिक पशु चिकित्सा सुविधाओं और प्रशिक्षित विशेषज्ञों की बदौलत अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी जटिल पशु रोगों एवं जन्मजात विकृतियों का सफल उपचार संभव हो रहा है। पशुधन विकास विभाग निरंतर पशुपालकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराते हुए पशुधन संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में प्रभावी कार्य कर रहा है जिससे विपरीत परिस्थितियों में भी बछड़े के जीवन बचने से ग्रामीण पशुपालकों में विश्वास और उम्मीद बढ़ी है।










