Written by
Bureau Report
दो घरों में चोरी की वारदातों का पुलिस ने किया खुलासा
बिश्रामपुर। जयनगर थाना क्षेत्र के ग्राम तेलईकछार में बीस दिनों पूर्व शिक्षिका के सूने घर में हुई लाख रुपये से अधिक के जेवरात चोरी के मामले का पुलिस
ने खुलासा कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से पूछताछ में करंजी चौकी क्षेत्र के ग्राम सोहागपुर में करीब डेढ़ माह पूर्व हुई एक और चोरी की वारदात का भी पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सोने-चांदी के आभूषण जेवरात और नगदी रखने वाली पेटी प्रार्थी का पासबुक नगदी रकम बरामद की है।
ने खुलासा कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से पूछताछ में करंजी चौकी क्षेत्र के ग्राम सोहागपुर में करीब डेढ़ माह पूर्व हुई एक और चोरी की वारदात का भी पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सोने-चांदी के आभूषण जेवरात और नगदी रखने वाली पेटी प्रार्थी का पासबुक नगदी रकम बरामद की है।पुलिस के अनुसार, प्रार्थिया शिक्षिका निकिता गुप्ता (26), निवासी केनापारा, ने 9 मार्च 2026 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 28 फरवरी को घर में ताला लगाकर बाहर गई थी। 1 मार्च को लौटने पर दरवाजा खुला मिला और अलमारी से सोने-चांदी के जेवरात गायब थे। चोरी गए सामान की कीमत करीब 98 हजार रुपये आंकी गई थी।
मामले में पुलिस अधीक्षक प्रशांत ठाकुर के निर्देश पर टीम गठित कर जांच शुरू की गई। मुखबिर की सूचना पर तीन संदिग्ध—उमंग गुप्ता (24), बृजलाल सिंह उर्फ रोहित उर्फ छिछी (19) और हेमंत देवांगन उर्फ शिवम (20), सभी निवासी केनापारा—को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में तीनों ने चोरी की वारदात स्वीकार कर ली।
आरोपियों ने बताया कि 28 फरवरी की शाम घर के पीछे से प्रवेश कर अलमारी में रखे जेवरात पार किए थे। पुलिस ने उनके पास से दुल्हन पायल, चांदी के आभूषण, सोने का मंगलसूत्र, अंगूठी समेत अन्य सामान बरामद किया है।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने 5 फरवरी की रात करंजी चौकी क्षेत्र के ग्राम सोहागपुर निवासी कृषक नरेश रैकवार उर्फ दीपक के घर में चोरी कर 40 हजार रुपये नगद और करीब साढ़े तीन लाख रुपये के जेवरात पार किए थे।
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ धारा 331(4), 305 बीएनएस के तहत कार्रवाई कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। इस कार्रवाई में जयनगर टीआई रूपेश कुंतल एक्का, करंजी चौकी प्रभारी संतोष सिंह सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
चोरी के बाद बैंक में रखते थे गिरवी
पूछताछ में खुलासा हुआ कि तीनों आरोपी शातिर और नशे के आदी हैं। चोरी के जेवरात को सीधे बेचने के बजाय पुलिस से बचने के लिए वे अंबिकापुर स्थित मन्नापुरम गोल्ड लोन बैंक में गिरवी रखकर नकदी हासिल करते थे और ऐश करते थे। पुलिस ने संबंधित बैंक को पत्र भेजकर जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि बिना पर्याप्त दस्तावेज जांच के लोन मिलने से ऐसे मामलों में चोरी के जेवर खपाना आसान हो रहा है।










