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Bureau Report
बिश्रामपुर । एसईसीएल बिश्रामपुर क्षेत्र की अमेरा खुली खदान परियोजना में कोयला चोरी रोकने के दौरान त्रिपुरा राइफल के एक जवान पर चोरों ने पथराव
कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। खून से लथपथ घायल जवान मो. मोइनुल हसन को साथी जवानों ने तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया है।
कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। खून से लथपथ घायल जवान मो. मोइनुल हसन को साथी जवानों ने तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया है।जानकारी के अनुसार, बुधवार 18 मार्च की रात ड्यूटी पर तैनात जवान मोइनुल हसन ने कुछ लोगों को खदान में घुसते देखा और सीटी बजाकर उन्हें बाहर जाने की चेतावनी दी। इसी दौरान मौके पर अकेले मौजूद जवान को देख कोयला चोरों ने अचानक पथराव शुरू कर दिया। इससे पहले कि वह स्थिति संभाल पाता, एक पत्थर उसके कनपटी में जा लगा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। शोर सुनकर अन्य जवान मौके पर पहुंचे और उसे उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।
घटना की सूचना क्षेत्रीय प्रबंधन द्वारा लखनपुर पुलिस को दे दी गई है। पुलिस मामले की जांच कर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।
बताया जाता है कि अमेरा खदान में लंबे समय से संगठित तरीके से कोयला चोरी हो रही है। सुरक्षा कर्मियों की कमी का फायदा उठाकर चोर खुलेआम खदान में प्रवेश करते हैं और विरोध करने पर हमलावर हो जाते हैं।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
गौरतलब है कि एक दिन पूर्व ही सूरजपुर पुलिस ने गायत्री खदान में कार्रवाई करते हुए सैकड़ों बोरी कोयला, दर्जनों बाइक और साइकिल जब्त की थी। इस दौरान चोर करीब 35 टन कोयला छोड़कर फरार हो गए थे। जब्त कोयले की कीमत लगभग 2 लाख रुपये बताई गई
है।
है।आमने-सामने कार्रवाई से बचते हैं जवान
सूत्रों के मुताबिक, खदानों में तैनात त्रिपुरा बटालियन के जवान कई बार खदानों से कोयला चोरी की वारदात स्थानीय ग्रामीणों की संलिप्तता के कारण सीधे टकराव से बचते हैं। कार्रवाई करने पर स्थानीय ग्रामीणों ,जनप्रतिनिधियों के दबाव की आशंका रहती है, जिससे जवान बैकफुट पर आ जाते हैं। इसी का फायदा उठाकर कोयला चोर लगातार वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
बताया जाता है कि इससे पहले भी चोरों द्वारा जवानों पर पथराव की घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे जवानों में आक्रोश का माहौल है।










