बलरामपुर / ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने और महिला स्व-सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा
सिंह तोमर द्वारा एकीकृत कृषि संकुल परियोजना के अंतर्गत विकासखंड वाड्रफनगर के ग्राम पंचायत रूपपुर में आजीविका सेवा केंद्र एवं चूजा पालन इकाई का शुभारंभ किया गया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत संचालित इस महत्वाकांक्षी परियोजना का मुख्य उद्देश्य चयनित 1000 कृषकों को तीन से चार विभिन्न आर्थिक गतिविधियों से जोड़कर उनकी वार्षिक आय में वृद्धि करना है।
नवनिर्मित आजीविका सेवा केंद्र किसानों के लिए एक सर्व-सुविधा केंद्र के माध्यम से कृषि, उद्यानिकी और पशुपालन से संबंधित कच्चे माल की आपूर्ति से लेकर बाजार तक का जुड़ाव सुनिश्चित किया जाएगा। स्थानीय किसानों को अब उद्यानिकी के लिए टपक सिंचाई उपकरण, मृदा आवरण, हरित जाली और रस्सी, उन्नत खेती के लिए आवश्यक छोटे और मध्यम कृषि उपकरण, पशुपालन हेतु चूजे, मुर्गी दाना और आवश्यक दवाइयां तथा जैविक खेती के लिए मशरूम के बीज, जैविक खाद एवं जैविक कीटनाशक जैसी सभी आवश्यक सामग्रियां एक ही स्थान पर और बाजार से कम दरों पर आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी। परियोजना में चूजा पालन इकाई के माध्यम से छोटे चूजों को जन्म से लेकर 28 दिनों
तक विशेष वैज्ञानिक देखरेख में रखा जाएगा और उनका पूर्ण टीकाकरण सुनिश्चित किया जाएगा।
जिला पंचायत सीईओ श्रीमती तोमर ने बताया कि घरेलू स्तर पर मुर्गीपालन करने वाले छोटे किसानों के लिए शुरुआती 28 दिनों में चूजों की मृत्यु दर सबसे बड़ी चुनौती होती है। इस इकाई के माध्यम से किसानों को 28 दिन के पूर्णतः स्वस्थ और टीकाकृत चूजे उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे उनका प्रारंभिक आर्थिक जोखिम न के बराबर होगा और उन्हें सीधा मुनाफा मिल सकेगा।
इस दौरान सीईओ श्रीमती तोमर ने महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा संचालित मशरूम उत्पादन इकाई एवं सूअर पालन गतिविधियों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने महिलाओं के कौशल और उनके द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। साथ ही संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि इन समूहों को आवश्यक तकनीकी और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए।
इस अवसर पर जिला एवं जनपद पंचायत के अधिकारीगण, बिहान कैडर की महिलाएं और बड़ी संख्या में स्थानीय प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।










