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Bureau Report
अम्बिकापुर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के निर्देशानुसार तथा माननीय
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सरगुजा के मार्गदर्शन में शनिवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय अंबिकापुर के अंतर्गत सभी न्यायालयों में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सरगुजा के मार्गदर्शन में शनिवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय अंबिकापुर के अंतर्गत सभी न्यायालयों में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया।आयोजित नेशनल लोक अदालत के दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय अम्बिकापुर तथा सीतापुर न्यायालय में साढ़े तीन हजार से अधिक लंबित प्रकरणों का निराकरण किया गया। वहीं राजस्व न्यायालयों में 2200 से अधिक मामलों का निराकरण किया गया। इसके अतिरिक्त किशोर न्याय बोर्ड के 7 तथा परिवार न्यायालय के 18 प्रकरणों का आपसी राजीनामा के आधार पर निराकरण किया गया। साथ ही नेशनल लोक अदालत के माध्यम से प्री-लिटिगेशन मामलों का भी निराकरण किया गया।
नेशनल लोक अदालत के दौरान परिवार न्यायालय सरगुजा में लंबित एक प्रकरण विशेष रूप से चर्चा का विषय रहा। इस मामले में पति-पत्नी का विवाह सामाजिक रीति-रिवाज से हुआ था और उनके तीन बच्चे भी
हैं। आपसी मतभेद और विवाद के कारण दंपत्ति पिछले 7-8 वर्षों से अलग-अलग रह रहे थे तथा परिवार न्यायालय में विवाह विच्छेद (तलाक) का मामला दायर किया गया था।
हैं। आपसी मतभेद और विवाद के कारण दंपत्ति पिछले 7-8 वर्षों से अलग-अलग रह रहे थे तथा परिवार न्यायालय में विवाह विच्छेद (तलाक) का मामला दायर किया गया था।नेशनल लोक अदालत की पहल से दोनों पक्षों के बीच समझाइश और सहमति बनी, जिसके बाद दंपत्ति ने अपने मतभेद समाप्त कर पुनः साथ रहने का निर्णय लिया। दोनों ने खुशी-खुशी दाम्पत्य जीवन फिर से शुरू करने की सहमति देते हुए अपने तलाक के प्रकरण का निराकरण करा लिया।
इस प्रकार 9 मई 2026 को आयोजित नेशनल लोक अदालत के माध्यम से परिवार न्यायालय अम्बिकापुर से एक ऐसा परिवार, जो पिछले 7-8 वर्षों से बिखरा हुआ था, फिर से एक हो गया और उनके जीवन में खुशियां लौट आईं।










