अंबिकापुर। सरगुजा जिले के दरिमा में खोले गए अंग्रेजी शराब दुकान के विरोध में महिलाओं का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार
को करीब 30 महिलाओं ने अंबिकापुर पहुंचकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और तीन दिनों के भीतर शराब दुकान हटाने की मांग की। महिलाओं ने साफ चेतावनी दी है कि तय समय सीमा में दुकान नहीं हटाई गई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
महिलाओं का कहना है कि दरिमा क्षेत्र में शराब दुकान खुलने से युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा है और सामाजिक माहौल भी खराब हो रहा है। प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने कहा कि पहले क्षेत्र के कई युवा सरकारी नौकरियों में चयनित हो रहे थे, लेकिन अब शराब की आसान उपलब्धता से युवाओं में नशे की लत बढ़ रही है।
शराब दुकान हटाने की मांग को लेकर महिलाओं ने दूसरी बार कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर विरोध दर्ज कराया। इससे पहले एक सप्ताह पूर्व जनदर्शन में भी महिलाओं ने आवेदन देकर शराब दुकान हटाने की मांग की थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं होने से उनका आक्रोश और बढ़ गया है।
प्रदर्शन में शामिल आशा दास ने कहा कि आबकारी मंत्री लखनलाल देवांगन के बयान में कहा गया था कि शराब बिक्री से मिलने वाली आय से महतारी वंदन सहित अन्य योजनाओं का संचालन किया जाता है। इस पर महिलाओं ने कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि यदि शराब की कमाई से महतारी वंदन योजना का पैसा दिया जा रहा है तो उन्हें ऐसा पैसा नहीं चाहिए।
महिलाओं ने साफ कहा कि किसी भी कीमत पर दरिमा में शराब दुकान नहीं चलने दी जाएगी। यदि तीन दिन के भीतर प्रशासन ने दुकान नहीं हटाई, तो महिलाएं आंदोलन शुरू करेंगी और शराब दुकान बंद होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
अब इस पूरे मामले पर प्रशासन क्या कदम उठाता है, इस पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।










