अम्बिकापुर / समाचार पत्र में प्रकाशित समाचार बॉक्साइट खनन की गहरी खाइयां बनी जनजीवन के लिए बड़ी चुनौती के संबंध में खनिज विभाग, जिला
सरगुजा द्वारा जानकारी उपलब्ध कराई गई है।
खनिज विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार समाचार में उल्लेख किया गया है कि मैनपाट के विभिन्न क्षेत्रों में बॉक्साइट खनन के बाद छोड़ी गई खाइयां जनजीवन के लिए चुनौती बन गई हैं तथा क्षेत्र के प्राकृतिक परिदृश्य एवं भूमि उपयोग पर भी इसका प्रभाव पड़ा है।
इस संबंध में खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2019 से बॉक्साइट उत्खनन नहीं होने के कारण खनिज साधन विभाग, छत्तीसगढ़, नवा रायपुर द्वारा दिनांक 08 जुलाई 2025 को पारित आदेश क्रमांक LAND-4402/8/2025-MRD के माध्यम से स्वीकृत खनिपट्टे को लैप्स (व्यपगत) घोषित किया जा चुका है।
विभाग ने बताया कि संबंधित कंपनी को अनुमोदित माइनिंग प्लान एवं फाइनल माइन क्लोजर प्लान के अंतर्गत प्रोग्रेसिव माइन क्लोजर योजना में शामिल प्रोटेक्टिव एवं रिक्लेमेशन कार्यों का विवरण 31 मार्च 2026 तक प्रस्तुत करना था। निर्धारित अवधि तक माइन क्लोजर योजना प्रस्तुत नहीं किए जाने के कारण कंपनी द्वारा जमा की गई प्रतिभूति राशि भारतीय खान ब्यूरो (आईबीएम) द्वारा जब्त कर ली गई है।
खनिज विभाग के अनुसार बालको कंपनी द्वारा पूर्व में उत्खनित क्षेत्र का अधिकांश समतलीकरण कार्य कराया जा चुका था। जिन स्थानों पर ऊंचाई अधिक
थी, वहां सुरक्षा की दृष्टि से फेंसिंग का कार्य भी कंपनी द्वारा कराया गया है।
विभाग ने बताया कि वर्तमान में प्रतिभूति राशि भारतीय खान ब्यूरो द्वारा जब्त की जा चुकी है। ऐसे में जब्त प्रतिभूति राशि से शेष समतलीकरण का कार्य शासन के निर्देशानुसार कराया जाएगा, ताकि पूर्व खनन क्षेत्रों में आवश्यक सुरक्षा एवं भूमि सुधार संबंधी कार्य नियमानुसार पूर्ण किए जा सकें।
खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप माइन क्लोजर, समतलीकरण तथा रिक्लेमेशन से संबंधित शेष कार्य निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कराए जाएंगे।







