शपथ महाअभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन पर थाना एवं चौकी प्रभारी किए गए पुरस्कृत
सूरजपुर। डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों से आमजन को सुरक्षित रखने तथा सुरक्षित डिजिटल व्यवहार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से
जिला पुलिस द्वारा संचालित साइबर कॉप जनजागरूकता महाअभियान के अंतर्गत मंगलवार को जिलेभर में व्यापक स्तर पर साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। डीआईजी व एसएसपी के निर्देशन में संचालित इस अभियान के दौरान जिले के थाना-चौकी की पुलिस द्वारा 171 स्थानों पर 40 हजार से अधिक नागरिकों, छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, शासकीय कर्मचारियों एवं विभिन्न वर्गों के लोगों को साइबर सुरक्षा की शपथ दिलाई गई।डीआईजी व एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर स्वयं इस अभियान की मॉनिटरिंग करते रहे और शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सूरजपुर जाकर साइबर कॉप अभियान के तहत साइबर सुरक्षा की शपथ स्कूली छात्राओं व शिक्षकों को दिलाई। उन्होंने शपथ दिलाई कि साइबर प्रहरी के रूप में साइबर सुरक्षा के नियमों का पालन करेंगे, किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करेंगे, ओटीपी, बैंक खाते, एटीएम, यूपीआई पिन अथवा अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करेंगे, सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करेंगे तथा साइबर अपराध से संबंधित किसी भी घटना की जानकारी तत्काल पुलिस एवं साइबर हेल्पलाइन 1930 पर देंगे। साथ ही वे अपने परिवार, मित्रों एवं समाज के अन्य लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करेंगे।मंगलवार को जिले के सभी थाना-चौकी की पुलिस टीमों के द्वारा विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों, शासकीय कार्यालयों, ग्राम पंचायतों, बाजारों एवं सार्वजनिक स्थलों पर नागरिकों, स्कूली छात्र-छात्राओं को साइबर सुरक्षा की शपथ दिलाई गई। पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने साइबर ठगी के नए तरीकों, डिजिटल फ्रॉड से बचाव, सुरक्षित ऑनलाइन लेन-देन, सोशल मीडिया सुरक्षा तथा साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी।
इस अवसर पर एसएसपी ने कहा कि वर्तमान समय में अधिकांश अपराध डिजिटल माध्यमों से किए जा रहे हैं। ऐसे में तकनीकी जानकारी और
जागरूकता ही सबसे प्रभावी सुरक्षा कवच है। यदि प्रत्येक नागरिक सतर्क रहकर साइबर सुरक्षा के नियमों का पालन करे और दूसरों को भी जागरूक करे, तो साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि साइबर कॉप अभियान का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक को साइबर सुरक्षा का जिम्मेदार प्रहरी बनाना है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध कॉल, संदेश, लिंक अथवा ऑनलाइन लेन-देन के झांसे में न आएं। किसी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। इस अभियान में निरीक्षक जावेद मियादाद की भी सराहनीय भूमिका रही।जिले में साइबर कॉप, साइबर सुरक्षा जनजागरूकता महाअभियान के अंतर्गत सर्वाधिक संख्या में नागरिकों एवं छात्र-छात्राओं को साइबर सुरक्षा की शपथ दिलाने वाले थाना एवं चौकी प्रभारियों को पुरस्कृत किया गया। डीआईजी/एससएसपी ने अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर प्रथम स्थान प्राप्त करने पर चौकी बसदेई, द्वितीय स्थान पर थाना झिलमिली तथा तृतीय स्थान पर चौकी लटोरी के प्रभारियों को पुरस्कृत कर उनके कार्यों की सराहना की है। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों की रोकथाम में जनजागरूकता सबसे प्रभावी माध्यम है तथा इस दिशा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों का सम्मान अन्य पुलिसकर्मियों के लिए भी प्रेरणादायक है।







