बलरामपुर / कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन में जल जीवन मिशन अंतर्गत वर्ष 2026-27 में ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण
पेयजल सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिले में जल परीक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा हैं।
इसी कड़ी में विकासखंड कुसमी की ग्राम पंचायत नीलकंठपुर में जल परीक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान जल संरक्षण उद्घोष के माध्यम से ग्रामीणों की जल बहनों को फील्ड टेस्ट किट (एफटीके) के उपयोग का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में पेयजल की गुणवत्ता की जांच करने की प्रक्रिया, जल स्रोतों के संरक्षण तथा जल जीवन मिशन की विभिन्न गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी गई।
इसी प्रकार विकासखंड रामचंद्रपुर के ग्राम रामपुर में भी जल बहनों को फील्ड टेस्ट किट के माध्यम से जल गुणवत्ता
परीक्षण का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान जल के नमूनों की जांच की विधि का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया तथा नियमित रूप से जल गुणवत्ता की निगरानी करने के लिए प्रेरित किया गया।
विकासखंड कुसमी के ग्राम स्याही में एफटीके प्रशिक्षण एवं वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान जल बहनों को फील्ड टेस्ट किट के उपयोग का प्रशिक्षण देने के साथ ही फील्ड टेस्ट किट का वितरण भी किया गया, ताकि वे अपने ग्राम में पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच कर सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
जल प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक सहभागिता बढ़ाते हुए स्थानीय स्तर पर पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच सुनिश्चित करना तथा सुरक्षित पेयजल के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना है।










