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Bureau Report
छत पर जमा हो रहा बारिश का पानी, गुणवत्ता की जांच की उठी मांग
बिश्रामपुर। क्षेत्र में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से लगभग 61 लाख रुपये की लागत से बन रहे जयनगर थाना के नवीन भवन का निर्माण कार्य
पूरा होने से पहले ही विवादों में आ गया है। लगातार हो रही बारिश के बीच भवन की छत पर पानी जमा होने की तस्वीरें सामने आने के बाद निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
पूरा होने से पहले ही विवादों में आ गया है। लगातार हो रही बारिश के बीच भवन की छत पर पानी जमा होने की तस्वीरें सामने आने के बाद निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।जानकारी के अनुसार, तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार ठाकुर ने इस बहुप्रतीक्षित थाना भवन का भूमिपूजन किया था। पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन बोर्ड द्वारा स्वीकृत इस भवन का निर्माण अन्नपूर्णा इंटरप्राइजेज, सूरजपुर द्वारा कराया जा रहा है।
बारिश के दौरान सामने आई स्थिति में भवन की छत पर लंबे समय तक पानी ठहरा हुआ दिखाई दे रहा है। सामान्यतः किसी भी भवन की छत पर पर्याप्त ढाल (स्लोप) और जल निकासी की व्यवस्था की जाती है, ताकि वर्षा का पानी तुरंत
बाहर निकल सके। लेकिन नए भवन में ही पानी का ठहराव निर्माण की तकनीकी गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर रहा है।
बाहर निकल सके। लेकिन नए भवन में ही पानी का ठहराव निर्माण की तकनीकी गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर रहा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि निर्माणाधीन भवन की छत पर ही पानी जमा होने लगे तो भविष्य में सीपेज, प्लास्टर उखड़ने, सरियों में जंग लगने, दरारें आने और भवन की आयु कम होने जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। समय रहते इन कमियों का निराकरण नहीं किया गया तो बाद में सरकारी धन से महंगी मरम्मत करानी पड़ सकती है।
लोगों का कहना है कि यह भवन सरकारी धन से तैयार हो रहा है और आने वाले वर्षों तक पुलिस प्रशासन इसका उपयोग करेगा। ऐसे में निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही आगे के दिनों में भारी पड़ सकती है।
स्थानीय नागरिकों ने पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन और जिला प्रशासन से मांग की है कि भवन का स्वतंत्र तकनीकी निरीक्षण विशेषज्ञ इंजीनियरों से कराया जाए। यदि जांच में निर्माण मानकों की अनदेखी सामने आती है तो संबंधित एजेंसी से सभी कमियां दूर कराई जाए ताकि बाद में उत्पन्न होने परेशानियों से बचा जा सके और नए भवन मजबूती लंबे समय तक बरकार रहे।










