जशपुरनगर / कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देशन एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक कुमार के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के अंतर्गत जिले में पशु सखियों के लिए वैज्ञानिक पशुपालन प्रशिक्षण का अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को कुनकुरी जनपद पंचायत परिसर में पशु सखियों के लिए एक दिवसीय वैज्ञानिक पशुपालन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन जिला कार्यक्रम प्रबंधक (आजीविका), छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, जिला जशपुर के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम में पशुपालन विभाग के अधिकारियों एवं विशेषज्ञों ने तकनीकी सत्रों के माध्यम से पशु सखियों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक पशुपालन की व्यवहारिक एवं तकनीकी जानकारी प्रदान की।
गांवों में वैज्ञानिक पशुपालन को मिलेगा बढ़ावा –
प्रशिक्षण का उद्देश्य पशु सखियों को ग्राम स्तर पर दक्ष सामुदायिक संसाधन व्यक्ति के रूप में तैयार करना है, ताकि वे ग्रामीण पशुपालकों को वैज्ञानिक पशुपालन की नवीन तकनीकों से जोड़ते हुए पशुधन की उत्पादकता बढ़ाने और उनकी आय में वृद्धि करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें। विशेषज्ञों ने बताया कि वैज्ञानिक पद्धति अपनाकर बकरी पालन एवं मुर्गी पालन को ग्रामीण परिवारों के लिए आय का सशक्त और टिकाऊ माध्यम बनाया जा सकता है। उन्होंने पशु सखियों से कहा कि वे अपने-अपने गांवों में पशुपालकों को आधुनिक तकनीकों के प्रति जागरूक करें और उन्हें बेहतर पशुपालन के लिए प्रेरित करें।
रोग प्रबंधन से लेकर उद्यमिता तक दी गई विस्तृत जानकारी –
प्रशिक्षण के दौरान पशुओं के रोगों की समय पर पहचान, नियमित टीकाकरण, कृमिनाशन, संतुलित एवं पौष्टिक आहार प्रबंधन, हरे चारे का उत्पादन, स्वच्छ
पशु आवास, नस्ल सुधार, गर्भित एवं नवजात पशुओं की देखभाल, उत्पादन क्षमता बढ़ाने तथा रोगों की रोकथाम जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। इसके साथ ही पशु सखियों को पशुपालन आधारित उद्यमिता, व्यवसाय योजना तैयार करने तथा सीमित संसाधनों के साथ बकरी एवं मुर्गी पालन को लाभकारी व्यवसाय के रूप में विकसित करने के संबंध में भी प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण सामग्री का किया गया वितरण-
कार्यक्रम के दौरान सभी पशु सखियों को वैज्ञानिक बकरी पालन प्रशिक्षण मार्गदर्शिका एवं वार्षिक पशुपालन कैलेंडर वितरित किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि यह कैलेंडर पशुपालकों के लिए पूरे वर्ष किए जाने वाले आवश्यक कार्यों का व्यवहारिक मार्गदर्शक है, जिससे समय पर टीकाकरण, कृमिनाशन, आहार प्रबंधन एवं अन्य गतिविधियों का बेहतर क्रियान्वयन किया जा सके।
सभी विकासखंडों में जारी रहेगा प्रशिक्षण अभियान –
ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के अंतर्गत जिले के सभी आठ विकासखंडों में चरणबद्ध तरीके से वैज्ञानिक पशुपालन प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य पशु सखियों की क्षमता विकसित कर उन्हें ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन आधारित आजीविका को बढ़ावा देने के लिए सक्षम बनाना है। विभाग का मानना है कि इस पहल से वैज्ञानिक पशुपालन को बढ़ावा मिलेगा, पशुधन की उत्पादकता बढ़ेगी और ग्रामीण परिवारों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित होगी।










