जशपुरनगर / कलेक्टर श्री रोहित व्यास की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर कलेक्टर श्री प्रदीप कुमार साहू, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री राकेश पाटनवार, सभी एसडीएम, एसडीओपी सहित स्वास्थ्य, आबकारी, पुलिस, यातायात, परिवहन, शिक्षा एवं समाज कल्याण विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु केवल जनहानि तक सीमित नहीं होती, बल्कि इससे परिवार, समाज और अर्थव्यवस्था पर भी गंभीर प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा नियमों का प्रभावी क्रियान्वयन सभी संबंधित विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए आवश्यक कदम सुनिश्चित करें।
कलेक्टर श्री व्यास ने सड़क दुर्घटना की स्थिति में त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने पर विशेष जोर देते हुए स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि जिले में संचालित 108 एम्बुलेंस सेवा 24×7 सक्रिय एवं उपलब्ध रहे, ताकि दुर्घटना की सूचना मिलते ही एम्बुलेंस तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर घायलों को शीघ्र उपचार उपलब्ध करा सके। उन्होंने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए।
साथ ही सभी शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को दोपहिया वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से हेलमेट तथा चारपहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट का उपयोग कर कार्यालय आने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों का पालन नहीं करने वालों के विरुद्ध चालानी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में कलेक्टर ने सभी स्कूल बसों का फिटनेस परीक्षण कराने तथा स्कूल बस चालकों, क्लीनरों एवं हेल्परों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने परिवहन विभाग को ओवरलोडिंग एवं ओवरस्पीडिंग करने वाले वाहनों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे खड़े वाहनों पर भी प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि सड़क किनारे खड़े वाहन दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण बनते हैं, इसलिए इस पर विशेष निगरानी रखी जाए। कलेक्टर श्री व्यास ने जिले में चिन्हित ब्लैक स्पॉट, दुर्घटनाजन्य एवं अति दुर्घटनाजन्य स्थलों पर किए गए सुधारात्मक कार्यों की समीक्षा करते हुए शेष कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने आरबीसी 6-4 के प्रकरणों में संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर उनका निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए।






