जल संरक्षण से समृद्धि तक का सफर, मिट्टी बांध ने संवारी किसानों की जिंदगी
सूरजपुर। जिले के ओड़गी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कालामांजन में विकसित भारत जी-राम-जी योजना के तहत निर्मित मिट्टी बांध आज ग्रामीणों के लिए आजीविका और कृषि विकास का सशक्त माध्यम बन गया है। इस बांध ने न केवल सिंचाई की सुविधा को मजबूत किया है, बल्कि ग्रामीणों की आय बढ़ाने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।गाँव के किसान सुखनंदन सिंह इस परिवर्तन की प्रेरणादायक मिसाल हैं। पहले वे मुख्य रूप से धान की खेती पर निर्भर थे, लेकिन अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता था। मिट्टी बांध के निर्माण के बाद
उन्होंने मछली पालन शुरू किया, जिससे आज वे प्रतिवर्ष लगभग 50 हजार से 01 लाख रुपये तक की आय अर्जित कर रहे हैं। शासन की ओर से उन्हें वर्ष में दो किश्तों में तीन-तीन हजार रुपये की आर्थिक सहायता के साथ मछली बीज, जाल इत्यादि भी उपलब्ध कराया जाता है, जिससे उनका व्यवसाय और अधिक सुदृढ़ हुआ है।मिट्टी बांध का लाभ केवल एक किसान तक सीमित नहीं है। आसपास के अनेक किसान भी इस जलस्रोत का उपयोग धान सहित अन्य फसलों की सिंचाई के लिए कर रहे हैं, जिससे उनकी कृषि उत्पादकता में वृद्धि हुई है। वहीं, बांध निर्माण के दौरान विकसित भारत जी-राम-जी योजना के माध्यम से गांव के अनेक श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर रोजगार भी प्राप्त हुआ।










