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Bureau Report
सरदार श्री अमरजीत सिंह छाबड़ा एवं सरदार श्री अमरजीत सिंह दत्ता के प्रथम नगर आगमन पर सिख समाज सहित विभिन्न संस्थाओं ने किया ऐतिहासिक स्वागत किया ।
भाटापारा। हिंद की चादर श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में अल्पसंख्यक आयोग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आयोजित प्रदेश स्तरीय निबंध प्रतियोगिता के विजेता विद्यार्थियों का आज भव्य पुरस्कार वितरण एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं।इस अवसर पर राज्य अल्पसंख्यक आयोग छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष (राज्य मंत्री दर्जा) सरदार श्री अमरजीत सिंह छाबड़ा जी एवं अकाल पूरख की फौज के प्रदेश अध्यक्ष सरदार श्री अमरजीत सिंह दत्ता जी के प्रथम नगर आगमन पर वृंदावन कॉलोनी के सामने सिख समाज, मानवाधिकार संगठन एवं विभिन्न सामाजिक संस्थाओं द्वारा उनका भव्य एवं ऐतिहासिक स्वागत किया गया। बड़ी संख्या में समाजसेवी एवं नागरिक दोनों अतिथियों के स्वागत के लिए उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सरदार श्री अमरजीत सिंह छाबड़ा जी, अध्यक्ष राज्य अल्पसंख्यक आयोग छत्तीसगढ़, विशिष्ट अतिथि सरदार श्री अमरजीत सिंह दत्ता जी, प्रदेश अध्यक्ष अकाल पूरख की फौज, श्री शिवरतन शर्मा जी, पूर्व विधायक भाटापारा तथा डॉ. विकास आडील जी, प्रसिद्ध चिकित्सक भाटापारा, सरदार श्री तेजेन्देर सिंह सलूजा प्रदेश सचिव अकाल पूरख की फौज,
श्रीमती श्वेता सेठी एवं श्रीमती रश्मि सलूजा उपस्थित रहे।
प्रतियोगिता के विजेता हुए सम्मानित
प्रदेश स्तरीय निबंध प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान किए गए।
प्रथम पुरस्कार – आरती यादव, कक्षा 12वीं, शासकीय नगर पालिका कन्या विद्यालय, भाटापारा
द्वितीय पुरस्कार – सरदार मनवीर सिंह, अंबुजा विद्यापीठ स्कूल
तृतीय पुरस्कार – वंदना साहू, कक्षा 10वीं, शासकीय नगर पालिका कन्या विद्यालय, भाटापारा
तृतीय पुरस्कार – शिखा शर्मा, कक्षा 9वीं, दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल
तृतीय पुरस्कार – मनप्रीत कौर गम्बर, गुरुकुल स्कूलप्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को श्री गुरु तेग बहादुर जी के त्याग, बलिदान, मानवता एवं धर्म की रक्षा के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान से परिचित कराने का महत्वपूर्ण प्रयास किया गया।
चारों विद्यालयों ने बढ़ाई कार्यक्रम की गरिमा
कार्यक्रम को सफल एवं ऐतिहासिक बनाने में विभिन्न विद्यालयों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। गुरुकुल स्कूल से श्री बाबू मैथ्यू जी, शासकीय नगर पालिका कन्या माध्यमिक विद्यालय से श्री राम जी जोशी, दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल से श्री योगेश पोपट जी तथा अंबुजा विद्यापीठ से श्री संजय पांडे जी सहित विद्यालयों की पूरी टीम ने कार्यक्रम में विशेष सहयोग प्रदान किया।
दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल के श्री योगेश पोपट सर द्वारा धार्मिक वातावरण में हनुमान चालीसा के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की गई। साथ श्री योगेश पोपट
जी से उनके द्वारा लिखी हुई पुस्तक फिजिक्स विथ बजरंगी आए हुए सभी अतिथियों को भेंट की ।
जी से उनके द्वारा लिखी हुई पुस्तक फिजिक्स विथ बजरंगी आए हुए सभी अतिथियों को भेंट की ।वहीं गुरुकुल स्कूल के प्राचार्य द्वारा श्री गुरु तेग बहादुर जी के जीवन, त्याग एवं बलिदान का वर्णन करते हुए विद्यार्थियों एवं उपस्थित अतिथियों को प्रेरणादायी जानकारी दी गई। अंबुजा विद्यापीठ की पूरी टीम द्वारा अतिथियों का भव्य एवं आत्मीय स्वागत किया गया। वहीं शिवरतन शर्मा जी ने सिखों के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए आज के युद्ध को यह बताया कि आप एक बार गुरु गोविंद सिंह जी गुरु तेज बहादुर जी के बारे में जीवनी पड़े उन्होंने हिंदू धर्म की रक्षा के लिए कितने बलिदान दिए हैं ।
गुरुकुल स्कूल के डायरेक्टर श्री राम रतन मुँधड़ा जी द्वारा सभी अतिथियों के साथ विद्यालय परिसर में पौधरोपण भी कराया गया। इस पहल के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण एवं प्रकृति से जुड़ने का सुंदर संदेश दिया गया।
आयोजन समिति की महत्वपूर्ण भूमिका
कार्यक्रम को सफल बनाने में सरदार अमरजीत सिंह सलूजा, प्रदेश सलाहकार अकाल पूरख की फौज; सरदार बलवंत सिंह सलूजा, जिला अध्यक्ष; सरदार राजा चावला, शहर अध्यक्ष; एवं सरदार बेअंत सिंह खालसा, सचिव सहित पूरी आयोजन टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
कार्यक्रम के प्रायोजक श्री लक्ष्मी नारायण सोनी जी, एच.आर. ज्वेलर्स एवं राज्य अध्यक्ष, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन तथा श्री सौरभ आनंद जी, गगनदीप पोहा मिल एवं जिला अध्यक्ष, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन रहे।
*कार्यक्रम का सफल संचालन एवं आभार प्रदर्शन श्रीमति श्वेता सेठी एवं श्रीमती रश्मि सलूजा जी द्वारा किया गया।*
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी का जीवन केवल सिख समाज के लिए ही नहीं, बल्कि संपूर्ण मानव समाज के लिए त्याग, साहस, धार्मिक स्वतंत्रता और मानवता की रक्षा की प्रेरणा है। विद्यार्थियों को उनके जीवन एवं विचारों से जोड़ना आज के समय में अत्यंत आवश्यक है।
कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यालयों, शिक्षकों, विद्यार्थियों, सामाजिक संस्थाओं, आयोजन समिति, सहयोगियों एवं उपस्थित गणमान्य नागरिकों का आभार व्यक्त किया गया। पूरे आयोजन ने भाटापारा में सामाजिक एकता, भाईचारे, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण एवं मानवता का एक प्रेरणादायी संदेश दिया।








