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Bureau Report
यात्रियों से वसूलता था 1500 कमीशन
बिश्रामपुर। आरक्षित रेलवे टिकटों के अवैध कारोबार के मामले में आरपीएफ अंबिकापुर की टीम ने ने पांचवें आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान सुरेन्द्र प्रसाद जायसवाल 53 वर्ष निवासी सदरगंज गोलाबाजार, थाना मरियाहूं, जिला जौनपुर उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है।आरपीएफ निरीक्षक सुनीता मिंज ने बताया कि हिरासत में लेकर आरोपी से पूछताछ की गई जिस पर आरोपी ने स्वीकार किया कि वह अपनी राज मोबाइल नामक दुकान पर ग्राहकों से यात्रा संबंधी जानकारी लेकर संजय कुमार विश्वकर्मा को भेजता था। इसके बाद संजय विश्वकर्मा, बैकुंठपुर सिटी पीआरएस में तत्काल आरक्षित टिकट बनवाने वाले आरोपी अविनाश कुमार सारथी के माध्यम से टिकट उपलब्ध कराता था।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि टिकट तैयार होने के बाद सुरेन्द्र जायसवाल, टिकट किराए के साथ कमीशन की राशि दोनों आरोपियों के मोबाइल पर फोन पे के माध्यम से भेजता था। आरोपी के अनुसार वह यात्रियों से टिकट किराए के अतिरिक्त डेढ़ हजार प्रति यात्री कमीशन लेता था। इसमें संजय विश्वकर्मा को करीब आठ सौ रु तथा अविनाश कुमार को चार से साढ़े चार सौ रु कमीशन दिया जाता था।
60 तत्काल टिकटों का भी सामने आया मामला
जांच के दौरान संजय विश्वकर्मा के कब्जे से जब्त मोबाइल के व्हाट्सऐप में मिले 60 तत्काल आरक्षित रेलवे टिकटों के संबंध में पूछताछ की गई।
इनमें 14 टिकट ऐसे पाए गए, जिनमें पेन से पीएनआर नंबर और अन्य जानकारी लिखी गई थी। आरोपी सुरेन्द्र ने कथित तौर पर बताया कि ये टिकट भी उसके कहने पर संजय विश्वकर्मा ने अविनाश कुमार से बनवाए थे।
इनमें 14 टिकट ऐसे पाए गए, जिनमें पेन से पीएनआर नंबर और अन्य जानकारी लिखी गई थी। आरोपी सुरेन्द्र ने कथित तौर पर बताया कि ये टिकट भी उसके कहने पर संजय विश्वकर्मा ने अविनाश कुमार से बनवाए थे।इसी तरह 2 अगस्त 2026 को इलाहाबाद में टीटीई द्वारा जब्त किए गए खाली आरक्षित टिकट, जिस पर पेन से पीएनआर नंबर एवं अन्य जानकारी लिखी थी, के संबंध में भी आरोपी ने बताया कि उक्त टिकट उसके कहने पर संजय विश्वकर्मा के माध्यम से बैकुंठपुर सिटी पीआरएस से बनवाया गया था।
फोनपे से लेन-देन और स्वीकारोक्ति के आधार पर गिरफ्तारी
आरपीएफ के अनुसार उपलब्ध साक्ष्यों, फोन पे पर लेन-देन और आरोपी के कथित स्वीकारोक्ति बयान के आधार पर सुरेन्द्र प्रसाद जायसवाल को रेलवे आरक्षित टिकटों के अवैध व्यापार के आरोप में गिरफ्तार किया गया। उसे आरपीएफ पोस्ट अंबिकापुर में पूर्व से दर्ज अपराध क्रमांक 787/2026, दिनांक 16 अगस्त 2026, धारा 143 रेल अधिनियम के मामले में संबद्ध किया गया है।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने यह भी बताया कि आरपीएफ पोस्ट जंघई में 17 अगस्त 2026 को उसके तथा उसके दो कर्मचारियों के खिलाफ भी रेल अधिनियम की धारा 143 के तहत मामला दर्ज किया गया है।










