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Bureau Report
बिश्रामपुर। एसईसीएल बिश्रामपुर क्षेत्र की बंद पड़ी ओसीएम खदान की क्वारी में फ्लाई ऐश के दलदल में पिछले चार-पांच दिनों से फंसे नंदी को दो दिनों तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद शनिवार शाम सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। गौ सेवकों और स्थानीय समाजसेवियों की टीम ने लगातार प्रयास कर नंदी की जान बचाई।बताया गया कि बिश्रामपुर ओसीएम खदान की गहरी क्वारी को भरने के लिए गत वर्ष कोरबा और रायगढ़ स्थित पावर प्लांटों से निकलने वाली फ्लाई ऐश डाली गई है। आरोप है कि पिछले वर्ष डाली गई राख की व्यवस्थित फिलिंग नहीं होने के कारण यहां दलदल की स्थिति बन गई है। मवेशी राख के क्षेत्र में प्रवेश करने के बाद आगे बढ़ने या वापस निकलने के प्रयास में दलदल में फंस जा रहे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक अब तक कई मवेशी इस राख के दलदल में समा चुके हैं।
शुक्रवार से शुरू हुआ रेस्क्यू अभियान
गंगाकोट मार्ग स्थित क्वारी में एक नंदी के राख के दलदल में फंसे होने की जानकारी वाट्सऐप ग्रुप के माध्यम से सामने आई। सूचना मिलते ही गौ सेवकों एवं समाजसेवियों की टीम मौके पर पहुंची और शुक्रवार
दोपहर बाद रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। मौके पर दलदल अधिक होने के कारण टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी, लेकिन अंधेरा होने तक नंदी को बाहर नहीं निकाला जा सका।
दोपहर बाद रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। मौके पर दलदल अधिक होने के कारण टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी, लेकिन अंधेरा होने तक नंदी को बाहर नहीं निकाला जा सका।लगातार प्रयास के बावजूद रात करीब दो से ढाई बजे तक अभियान जारी रहा। टीम के सदस्यों के लगातार प्रयास और थकान के बाद रेस्क्यू अभियान को रात में रोकना पड़ा। शनिवार सुबह एक बार फिर अभियान शुरू किया गया। पूरे दिन प्रयास जारी रहने के बाद दोपहर बाद टीम को सफलता मिली और नंदी को सुरक्षित दलदल से बाहर निकाल लिया गया।
पोल फेंसिंग कराने की मांग
रेस्क्यू के बाद स्थानीय लोगों ने फ्लाई ऐश फिलिंग वाले क्षेत्र में तत्काल पोल फेंसिंग कराने की मांग की है, ताकि मवेशियों का प्रवेश रोका जा सके। लोगों का कहना है कि राख के दलदल में मवेशियों के फंसने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए तो भविष्य में भी मवेशियों की जान खतरे में पड़ सकती है। स्थानीय लोगों ने एसईसीएल प्रबंधन से क्षेत्र की घेराबंदी कर मवेशियों के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की है।










