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Bureau Report
बिश्रामपुर । जिले के ग्राम पंचायत रामनगर में शासकीय भूमि के भू-अभिलेख में कथित कूटरचना कर उसे निजी भूमि के रूप में दर्ज कराने और बिक्री विलेख तैयार कराने का मामला सामने आया है। रामनगर निवासी देवनारायण ने कलेक्टर सूरजपुर को शिकायत सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ एफआईआर की मांग की है।शिकायतकर्ता का आरोप है कि वर्ष 1954-55 के पुराने राजस्व अभिलेख में खसरा नंबर 1597 की 1.44 एकड़ भूमि शासकीय दर्ज थी, जबकि बाद के बंदोबस्त में रिकॉर्ड और नक्शे में कथित बदलाव कर संबंधित भू-भाग को वर्तमान
खसरा नंबर 1839 के रूप में निजी खाते में दर्ज किया गया। बिक्री विलेख की प्रमाणित प्रति प्राप्त करने के बाद शिकायतकर्ता ने पुराने और वर्तमान अभिलेखों में कथित विसंगतियां होने का दावा किया है।
खसरा नंबर 1839 के रूप में निजी खाते में दर्ज किया गया। बिक्री विलेख की प्रमाणित प्रति प्राप्त करने के बाद शिकायतकर्ता ने पुराने और वर्तमान अभिलेखों में कथित विसंगतियां होने का दावा किया है।शिकायत में पांच लोगों सहित उप-पंजीयक कार्यालय की भूमिका की भी जांच की मांग की गई है। साथ ही 21 अप्रैल 2026 को खसरा नंबर 1839 से संबंधित बिक्री विलेख निरस्त किए जाने का उल्लेख करते हुए पूरे प्रकरण की दस्तावेजी जांच कराने की मांग की गई है।







