बलरामपुर / कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में छात्रावास अधीक्षकों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर ने कहा कि छात्रावास में रहने वाले बच्चों के लिए अधीक्षक पालक की भूमिका में हैं और उनके उज्ज्वल भविष्य को गढ़ने में उनका योगदान सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अधीक्षक केवल व्यवस्था संचालक नहीं, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के सहभागी हैं, इसलिए उन्हें बच्चों से आत्मीय जुड़ाव बनाना चाहिए।
मिशन आचार्य पर विशेष बल देते हुए कलेक्टर ने कहा कि प्रत्येक बच्चे का पढ़ना सीखना ही उसके भविष्य की नींव है। उन्होंने प्रतिदिन कम से कम बीस मिनट की रीडिंग गतिविधि अनिवार्य रूप से कराने तथा हर विद्यार्थी की शैक्षणिक प्रगति पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के प्रति जिज्ञासा बढ़ाने के साथ बच्चों को अपनी
प्रतिभा प्रदर्शित करने और नए कौशल सीखने के लिए भी निरंतर प्रोत्साहित किया जाए। छात्रावास परिसर को शिक्षाप्रद स्वरूप देने के लिए उन्होंने दीवारों को थीम आधारित बनाने को कहा, ताकि चित्रों एवं दृश्य माध्यमों से ज्ञानवर्धन हो और सीखने की प्रक्रिया रुचिकर बने।
बैठक में मेस संचालन को व्यवस्थित रखने तथा बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने पर खुलकर चर्चा हुई। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है तथा साफ-सफाई में लापरवाही किसी भी स्थिति में नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधीक्षकों को अपने कार्यस्थल पर नियमित रूप से उपस्थित रहने तथा मंडल सहायकों एवं निरीक्षकों को छात्रावासों का सतत निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
बैठक में सहायक आयुक्त सुश्री समीक्षा जायसवाल, मंडल संयोजक, छात्रावास अधीक्षक एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।







