बलरामपुर / योजनाएं कागजों से निकलकर धरातल पर कितनी उतरी हैं, इसे स्वयं परखने के लिए कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने विगत दिवस
शंकरगढ़ विकासखण्ड क्षेत्र का सघन दौरा किया। प्रातः 9 बजे जिला संयुक्त कार्यालय से शुरू हुआ यह मैराथन दौरा लगातार 10 घंटे चला और शाम 7 बजे पोड़ी खुर्द के आमापारा स्थित बहुद्देशीय केन्द्र में संपन्न हुआ। शासन की मंशा के अनुरूप चल रहे सड़क व अधोसंरचना निर्माण, जल जीवन मिशन और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का यह सीधा भौतिक परीक्षण था। जिले के अंतिम छोर तक पहुंचकर कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केंद्रों से लेकर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के निर्माण कार्यों तक हर व्यवस्था को बारीकी से जांचा। दौरे में जहां अच्छे कार्यों को सराहना मिली, वहीं लापरवाही पर सख्ती भी साफ दिखाई दी।
राजपुर विकासखण्ड के कुंदी खुर्द आंगनबाड़ी केंद्र में कलेक्टर ने रेडी-टू-ईट और दलिया के वास्तविक भंडारण का स्वयं पंजी से मिलान किया, तो अनियमितताएं उजागर हो गईं। पूछताछ में यह भी सामने आया कि निर्धारित समय पर उपस्थित बच्चों को नाश्ता तक नहीं मिला था। बच्चों के पोषण से जुड़ी इस लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कलेक्टर ने संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का मानदेय रोकने तथा सीडीपीओ को आंगनबाड़ियों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बेलकोना के धारा नगर में हरिनलेटा मार्ग पर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत चल रहे सड़क एवं नाली निर्माण का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने सड़क की चौड़ाई, ढलान और एलाइनमेंट की बारीकी से पड़ताल की। गिट्टी का साइज अमानक पाए जाने पर उन्होंने मौके पर ही काम रुकवा दिया और कार्यपालन अभियंता से फोन पर बात कर संबंधित ठेकेदार को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने अभियंता को स्वयं मौके पर पहुंचकर निर्माण का भौतिक परीक्षण करने और गुणवत्ता से समझौता किए बिना कार्य तय समय-सीमा में पूर्ण कराने को कहा। कलेक्टर ने दो टूक कहा कि जिले में सड़कों के निर्माण व मरम्मत कार्यों पर सतत निगरानी रखी जा रही है, और गुणवत्तापूर्ण व समयबद्ध निर्माण सर्वाेच्च प्राथमिकता है।
सख्ती के इन दृश्यों के बीच पहाड़ी कोरवा बाहुल्य ग्राम पतरापारा में एक आत्मीय पल भी देखने को मिला। यहां श्रीमती सोनिया शांडिल्य ने अपनी बाड़ी में उगे ताजे टमाटर कलेक्टर को उपहार में भेंट किए, तो कलेक्टर ने प्रतीक स्वरूप एक टमाटर स्वीकार कर उनके परिश्रम का मान बढ़ाया। ग्रामीणों की
बाड़ियों में लहलहाती टमाटर व अन्य सब्जियों को देखकर कलेक्टर ने महिलाओं के अथक परिश्रम और कृषि कौशल की सराहना की। एनआरएलएम के ब्लॉक प्रोजेक्ट मैनेजर ने बताया कि क्षेत्र में 18 स्व-सहायता समूह टमाटर की खेती कर रहे हैं, जिससे 108 सदस्य लाभान्वित हो रहे हैं। सब्जी उत्पादन से जुड़ी इन महिलाओं में अधिकांश लखपति दीदी बन चुकी हैं और शेष भी इस लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रही हैं। टमाटर के अलावा क्षेत्र में मिर्च, सेम और गोभी की खेती भी की जा रही है।
प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत चिन्हित इसी ग्राम में कलेक्टर ने पहाड़ी कोरवा परिवारों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं और एसडीएम व जनपद सीईओ को समस्याओं को चिन्हित कर त्वरित समाधान की पहल करने के निर्देश दिए। उन्होंने क्षेत्र में कृषि विस्तार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, आंगनबाड़ी हेतु परिवारों का सर्वे कराकर प्रस्ताव शासन को भेजने तथा पानी और बिजली की व्यवस्था पुख्ता करने को कहा। कलेक्टर ने वहां मौजूद बच्चों से आत्मीय संवाद कर उन्हें नियमित स्कूल जाने के लिए प्रेरित भी किया।
जल जीवन मिशन की वास्तविक स्थिति जानने कलेक्टर शंकरगढ़ के मानपुर गांव में श्री निर्मल सोनवानी के घर पहुंचीं और वहां लगे नल का अवलोकन कर परिवार से पानी की उपलब्धता की जानकारी ली। उन्होंने सब इंजीनियर को प्रत्येक घर तक शत-प्रतिशत जल आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा जहां कमियां हैं, वहां शीघ्र सुधार करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस मैराथन दौरे में कलेक्टर ने एफपीओ (किसान उत्पादक संगठन) के तहत संचालित कृषि सेवा केन्द्र राजपुर, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय राजपुर, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, पहाड़ी कोरवा कन्या शिक्षा आवासीय परिसर तथा कुंदी खुर्द एवं हरिजन पारा आंगनबाड़ी केंद्रों का भी जायजा लिया। दौरे का समापन जिले के अंतिम छोर पर पीएम जनमन योजना के तहत स्थापित आमाकोना बहुद्देशीय केंद्र में हुआ, जहां उन्होंने केंद्र में संचालित आंगनबाड़ी और स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्थाओं का अवलोकन किया।
इस दौरान एसडीएम श्री विवेक अनमोल टोप्पो, जनपद सीईओ श्री संजय दुबे व अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।










