मुख्यमंत्री ने की तीन बड़ी घोषणाएँ: शंकरगढ़ में विद्यालय भवन का जीर्णाेद्धार, चांदों में सामुदायिक भवन और लरंग साय प्रतिमा के समीप बनेगा स्मृति द्वार
बलरामपुर / अविभाजित सरगुजा के विकास पुरुष कहे जाने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय लरंग साय के पैतृक ग्राम चिरई, जशवंतपुर (विकासखंड शंकरगढ़) में आज भव्य प्रतिमा अनावरण समारोह आयोजित हुआ। लरंग साय सेवा समिति द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वर्चुअल रूप से शामिल हुए और स्वर्गीय लरंग साय की प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जिलेवासियों को 202 करोड़ 65 लाख रुपये की लागत के 2009 विकास कार्यों की सौगात दी, जिनमें 156 करोड़ 68 लाख रुपये के 1863 कार्यों का भूमिपूजन एवं शिलान्यास तथा 45 करोड़ 97 लाख रुपये के 146 कार्यों का लोकार्पण शामिल है। मुख्यमंत्री ने शंकरगढ़ स्थित विद्यालय भवन के जीर्णाेद्धार, ग्राम चांदों में सामुदायिक भवन निर्माण तथा प्रतिमा के समीप स्मृति द्वार
निर्माण की घोषणा भी की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि लरंग साय की सादगी और ईमानदारी आज भी मिसाल है। उन्होंने पूरे समर्पण के साथ क्षेत्र के विकास के लिए कार्य किया, किंतु उन्हें वह सम्मान नहीं मिल पाया, जिसके वे सच्चे हकदार थे। मुख्यमंत्री ने उन्हें तेजतर्रार और स्पष्टवादी आदिवासी नेता बताते हुए कहा कि एक साधारण शिक्षक से केंद्रीय मंत्री बनने तक का उनका सफर आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है। उन्होंने स्मरण कराया कि 28 अक्टूबर 1938 को जन्मे लरंग साय ने शिक्षक के रूप में जनसेवा आरंभ की और 1967 में सामरी विधानसभा क्षेत्र से विजयी होकर राजनीति में कदम रखा। अविभाजित मध्यप्रदेश में राज्य मंत्री रहने के बाद 1977 में वे सरगुजा लोकसभा क्षेत्र से भारी बहुमत से निर्वाचित होकर मोरारजी देसाई सरकार में श्रम एवं संसदीय कार्य राज्य मंत्री बने। केंद्र सरकार में मंत्री बनने वाले पहले आदिवासी नेताओं में उनकी गिनती होती है। वर्ष 1980 में वे पुनः विधायक तथा 1989 और 1998 में सरगुजा से सांसद चुने गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी उत्थान, शिक्षा तथा बुनियादी ढांचे के विकास में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि लरंग साय ऐसे जननेता थे, जिन्होंने सत्ता को सेवा का माध्यम माना और सरगुजा अंचल की आवाज़ को दिल्ली तक पूरी मजबूती से पहुँचाया। उन्होंने कहा कि जिस दौर में वनांचल तक सड़क, पुल और रेल की कल्पना कठिन थी, उस समय उन्होंने इन मांगों को संघर्ष के साथ आगे बढ़ाया। श्री नेताम ने कहा कि राज्य सरकार उनके सपनों के अनुरूप सुदूर अंचलों तक विकास पहुँचाने
के लिए प्रतिबद्ध है और आज जिन कार्यों का भूमिपूजन व लोकार्पण हुआ है, वे इसी संकल्प का प्रमाण हैं। उन्होंने युवाओं से लरंग साय के जीवन से सीख लेकर शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में आगे आने का आह्वान किया।
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि लरंग साय ने हमेशा अंतिम व्यक्ति के हित को प्राथमिकता दी और उनकी प्रतिमा अनावरण के अवसर पर ‘बालभोग’ कार्यक्रम का शुभारंभ उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ बच्चे और स्वस्थ माताएँ ही सशक्त समाज की नींव हैं, इसलिए कुपोषण के विरुद्ध लड़ाई को जनआंदोलन बनाना होगा। श्रीमती राजवाड़े ने माताओं से आंगनबाड़ी केंद्रों की सेवाओं का पूरा लाभ लेने और बच्चों के पोषण के प्रति सजग रहने की अपील की।
सामरी विधायक श्रीमती उद्धेश्वरी पैकरा ने कहा कि सामरी क्षेत्र के लिए यह गौरव का क्षण है कि यहीं से राजनीतिक यात्रा आरंभ करने वाले लरंग साय की प्रतिमा उनकी जन्मभूमि में स्थापित हुई है। उन्होंने कहा कि उनका व्यक्तित्व सादगी, संघर्ष और जनसेवा का प्रतीक है, जिससे जनप्रतिनिधियों को सदैव सीख लेनी चाहिए। उन्होंने क्षेत्र को मिली करोड़ों रुपये की सौगात तथा विद्यालय भवन जीर्णाेद्धार, सामुदायिक भवन और स्मृति द्वार की घोषणा के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
लरंग साय सेवा समिति के अध्यक्ष श्री राम लखन सिंह पैकरा ने कहा कि समिति लंबे समय से लरंग साय के योगदान को जन-जन तक पहुँचाने के लिए प्रयासरत है और आज प्रतिमा अनावरण के साथ क्षेत्रवासियों की वर्षों पुरानी भावना साकार हुई है। उन्होंने मुख्यमंत्री, मंत्रीगण तथा जिला प्रशासन के सहयोग के लिए आभार जताते हुए कहा कि स्वर्गीय लरंग साय के सकारात्मक विचार और समाज के प्रति उनका समर्पण आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करता रहेगा।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की वर्चुअल उपस्थिति में कुपोषण मुक्त अभियान के अंतर्गत ‘बालभोग’ कार्यक्रम का शुभारंभ भी किया गया। इस कार्यक्रम के तहत शंकरगढ़ विकासखंड के 967 कुपोषित बच्चों को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता प्रतिदिन श्रीअन्न, रागी और सूखे मेवों से बना 30 ग्राम पौष्टिक लड्डू खिलाएँगी। साथ ही बच्चों के पोषण स्तर की नियमित निगरानी की जाएगी।
भूमिपूजन एवं शिलान्यास किए गए कार्यों में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की 71 करोड़ 89 लाख रुपये की तीन सड़कें, कुसमी विकासखंड में 26 करोड़ 15 लाख रुपये के पाँच पुल, जिला चिकित्सालय में 4 करोड़ 72 लाख रुपये की सीटी स्कैन मशीन तथा वीबी-जी राम जी योजना के 1854 कार्य शामिल हैं। लोकार्पित कार्यों में 15 एकल ग्राम नल जल योजनाएँ, मनरेगा के 97 चेक डैम, छात्रावास, उप स्वास्थ्य केंद्र और महतारी सदन प्रमुख हैं।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती हीरामुनी निकुंज, कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक सरगुजा श्री राजेश अग्रवाल, जिला पंचायत सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी सहित श्री ओमप्रकाश जायसवाल, श्री रामकिशुन सिंह, श्री अनिल सिंह मेजर, श्री शिवनाथ यादव, श्री कमलभान सिंह, श्री सिद्धनाथ पैकरा एवं अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।









