अंबिकापुर। सूरजपुर जिले के प्रेमनगर थाना क्षेत्र से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। खेल-खेल में हुई एक दुर्घटना ने एक परिवार की
खुशियां छीन लीं। आग में बैटरी डालने से हुए विस्फोट की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलसे एक वर्षीय मासूम की उपचार के दौरान अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है और माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है।
जानकारी के अनुसार प्रेमनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम ब्रह्मपुर निवासी आदित्य सिंह नेताम (1 वर्ष) 31 मई की शाम अपने बड़े भाई-बहनों के साथ घर के बाहर खेल रहा था। उसके पिता महेंद्र सिंह नेताम सुबह ही ट्रैक्टर लेकर काम पर निकल गए थे। इसी दौरान खेलते-खेलते बड़े भाई-बहन बाड़ी की ओर गए और वहां पड़े कूड़े-कचरे के बीच से एक पुरानी बैटरी उठाकर घर ले आए।
बताया जा रहा है कि शाम करीब पांच बजे बच्चों की मां घर से कुछ दूरी पर पानी भरने गई हुई थी। उसी समय तीनों बच्चे घर के बाहर खेल रहे थे। खेल-खेल में बच्चों ने पास में जल रही आग में बैटरी डाल दी। कुछ ही देर बाद बैटरी में तेज धमाके के साथ विस्फोट हो गया।
विस्फोट की चपेट में आने से एक वर्षीय आदित्य गंभीर रूप से झुलस गया। उसके चेहरे, सीने, पेट और हाथों में गंभीर चोटें आईं। धमाके के बाद
दोनों बड़े बच्चे घबराकर वहां से दूर भाग गए। तेज आवाज सुनकर जब मां मौके पर पहुंची तो उसने अपने बेटे को गंभीर रूप से झुलसी हालत में देखा। पूछताछ करने पर बच्चों ने पूरी घटना की जानकारी दी।
रात करीब नौ बजे जब पिता काम से घर लौटे तो उन्हें घटना के बारे में बताया गया। इसके बाद परिजन तत्काल आदित्य को प्रेमनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे अंबिकापुर स्थित शासकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया।
परिजन एक जून को बच्चे को लेकर अंबिकापुर पहुंचे और अस्पताल में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने उसे बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन गंभीर रूप से झुलस जाने के कारण उपचार के दौरान मंगलवार सुबह करीब चार बजे उसकी मौत हो गई।
मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिवार और गांव में शोक की लहर दौड़ गई। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिजन बच्चे का शव लेकर अपने गांव लौट गए। घटना के बाद पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।यह हादसा बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी एक गंभीर चेतावनी माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि पुराने इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बैटरियां और अन्य खतरनाक वस्तुएं बच्चों की पहुंच से दूर रखनी चाहिए, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।










