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Bureau Report
बरपारा में मिट्टी बांध और राजकिशोर नगर में तालाब गहरीकरण से खेती, पशुपालन और जल संरक्षण को मिला बढ़ावा
बिश्रामपुर। सूरजपुर जिले के भैयाथान जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत बरपारा और राजकिशोर नगर में कराए गए मिट्टी बांध निर्माण एवं तालाब गहरीकरण कार्य किसानों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं। इन कार्यों से जहां सिंचाई की सुविधा बढ़ी है, वहीं वर्षभर जल उपलब्धता, पशुपालन और अतिरिक्त आय के नए अवसर भी सृजित हुए हैं।ग्राम पंचायत बरपारा के खरखोरी नाला में ग्रामीणों के सहयोग और मेहनत से समय पर मिट्टी बांध का निर्माण पूरा किया गया। निर्माण कार्य से स्थानीय लोगों को रोजगार मिला, वहीं बांध बनने के बाद आसपास के खेतों में सिंचाई का रकबा भी बढ़ गया। बारिश के बाद बांध में करीब आधा किलोमीटर तक पानी का संग्रह हो गया है, जिसका उपयोग किसान धान की रोपाई में कर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सिंचाई के लिए अब अतिरिक्त संसाधनों पर निर्भरता कम हो गई है और खेती का कार्य समय पर शुरू हो सका है। उनका मानना है कि यदि बांध का नियमित रखरखाव किया जाए तो आने वाले वर्षों में भी इसका लाभ किसानों को मिलता रहेगा। जल संरक्षण के लिहाज से भी यह बांध महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे वर्षा जल का संग्रहण
होने के साथ भूजल स्तर में सुधार की संभावना है।
होने के साथ भूजल स्तर में सुधार की संभावना है।किसानों ने बताया कि अब धान के अलावा रबी सीजन में गेहूं और सरसों की खेती की भी बेहतर संभावना बनी है। साथ ही वर्षभर सब्जियों की खेती कर घरेलू जरूरत पूरी करने के साथ अतिरिक्त उत्पादन बेचकर आय बढ़ाई जा सकेगी।
इधर, राजकिशोर नगर में गौठान के समीप तालाब गहरीकरण कार्य से भी ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। पहले खेती पूरी तरह बारिश पर निर्भर थी और गर्मियों में तालाब सूख जाने से रबी फसल तथा पशुओं के लिए पानी की गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाती थी। अब तालाब में वर्षा जल का बेहतर संचयन होने से लंबे समय तक पानी उपलब्ध रहेगा, जिससे किसानों को सिंचाई, पशुपालन और कृषि कार्यों में सीधा लाभ मिलेगा।
ग्रामीणों का मानना है कि जल संरक्षण से जुड़े ऐसे कार्य गांवों की कृषि व्यवस्था को मजबूत करने के साथ किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।










