बलरामपुर / जिले के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में विद्यार्थियों को बेहतर आवासीय शिक्षा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में शासन द्वारा विकासखंड रामचंद्रपुर में तीन नवीन प्री-मैट्रिक विशेष पिछड़ी जनजाति पण्डो छात्रावासों के संचालन की स्वीकृति प्रदान की गई है। जिससे क्षेत्र के विशेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित आवासीय सुविधा का लाभ मिलेगा।
सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग ने जानकारी दी है कि वर्ष 2026-27 में रामचंद्रपुर विकासखंड अंतर्गत एक प्री-मैट्रिक पण्डो विशेष पिछड़ी जनजाति कन्या छात्रावास रामानुजगंज तथा दो प्री-मैट्रिक पण्डो विशेष पिछड़ी जनजाति बालक छात्रावास रामानुजगंज एवं डिंडो नवीन स्वीकृत संस्था है। प्रत्येक छात्रावास में 50-50 सीटों की व्यवस्था रहेगी। छात्रावासों के नियमित भवन उपलब्ध होने तक उनका संचालन वैकल्पिक रूप से पूर्व से संचालित छात्रावासों के भवनों में किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई बिना किसी व्यवधान के प्रारंभ हो सके। जिसमें इच्छुक पण्डो जनजाति के विद्यार्थी संबंधित संस्था के अधीक्षक से संपर्क कर प्रवेश ले सकते हैं।
विभाग द्वारा छात्रावास संचालन के लिए संबंधित अधीक्षकों की जिम्मेदारी भी निर्धारित की गई है। कन्या छात्रावास का संचालन वैकल्पिक रूप से पूर्व में संचालित उड़ान संस्था के भवन में होगा। जिसका संचालन प्रभारी अधीक्षिका पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास रामानुजगंज श्रीमती सुषमा भगत, मोबाइल नंबर 9399786345 के द्वारा किया जाएगा। इसी प्रकार प्री मैट्रिक पण्डो विशेष पिछड़ी जनजाति बालक छात्रावास रामानुजगंज का संचालन वैकल्पिक रूप से पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास रामानुजगंज के भवन में संयुक्त रूप से किया जाएगा। जिसकी जिम्मेदारी श्री रामखेलावन जाटवर प्रभारी अधीक्षक पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास रामानुजगंज मो.न. 7974536307 तथा प्री मैट्रिक पण्डो विशेष पिछड़ी जनजाति बालक छात्रावास डिंडो का संचालन वैकल्पिक रूप से प्री मैट्रिक बालक छात्रावास डिंडो के भवन में संयुक्त रूप से संचालित किया जाएगा। जिसका संचालन श्री आशिष कुमार अधीक्षक श्रेणी द, प्री मैट्रिक बालक छात्रावास डिंडो, मो.न. 8319166195 के द्वारा किया जाएगा।









