सूरजपुर। ‘एकता, सेवा और समर्पण’ के ध्येय वाक्य को आत्मसात करते हुए युवा साथी फाउंडेशन द्वारा महिला सशक्तिकरण, कुपोषण उन्मूलन एवं संगठन विस्तार पर केंद्रित एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम छोर पर खड़ी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और ग्रामीण क्षेत्रों में पोषण स्तर में ठोस सुधार लाना रहा।कार्यशाला को संबोधित करते हुए फाउंडेशन के डायरेक्टर डॉ. रजनीश कुमार गर्ग ने कहा कि जब एक महिला सशक्त और जागरूक होती है, तभी एक स्वस्थ परिवार और समर्थ राष्ट्र की नींव मजबूत होती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान
किया कि वे सुदूर वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय होकर अति-पिछड़े वर्गों की जरूरतमंद, कुपोषित महिलाओं और बच्चों की पहचान करें। संस्था का प्राथमिक लक्ष्य इन परिवारों तक संतुलित पोषण, आवश्यक खाद्य सामग्री और नियमित स्वास्थ्य देखभाल पहुंचाना है।
शासकीय योजनाओं और उद्यमिता से खुलेगी स्वावलंबन की राह
सत्र के दौरान विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने महिलाओं को आत्मनिर्भरता और अधिकारों के प्रति जागरूक किया। श्रम विभाग से रमेश साहू ने विभागीय योजनाओं का ब्यौरा देते हुए पंजीयन और सरकारी लाभ सीधे प्राप्त करने की सरल प्रक्रिया समझाई। कोरिया जिले से आईं उद्यमी रेनू सिंह ने स्वरोजगार स्थापित करने,
छोटे उद्यमों के प्रबंधन और सफल उद्यमी बनने के व्यावहारिक सूत्र साझा किए। मीडिया प्रमुख राजेश सोनी ने महिलाओं को ग्रामीण स्तर की समस्याओं की पहचान करने, उन्हें संबंधित मंचों तक पहुंचाने और त्वरित समाधान के लिए संवाद तंत्र को मजबूत करने के लिए प्रेरित किया।
सूचना तंत्र प्रमुख प्रदीप गुप्ता ने आज के दौर में सोशल मीडिया के सकारात्मक उपयोग और फोटोग्राफी से जुड़ी तकनीकी जानकारियां साझा कीं।कार्यशाला का सफल संचालन कार्तिक निषाद ने किया, जिसमें उन्होंने सामाजिक कुरीतियों और बुराइयों के खिलाफ एकजुट होकर खड़े होने की बात कही। जिले भर से बड़ी संख्या में पहुंचीं महिला कार्यकर्ताओं ने सेवा, स्वावलंबन और कुपोषण-मुक्त समाज के इस मानवीय अभियान को नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ाने का साझा संकल्प लिया।










