बलरामपुर / महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जिले में राष्ट्रीय पोषण माह का शुभारंभ ‘‘हमारी आंगनबाड़ी हमारी जिम्मेदारी’’ थीम पर किया गया। सेक्टर कुसमी में वेबकास्ट के माध्यम से कार्यक्रम का सजीव प्रसारण हितग्राहियों को दिखाया गया, जिसके पश्चात पोषण एवं स्वास्थ्य शिक्षा से जुड़ी जानकारी साझा करते हुए उपस्थितजनों को शपथ दिलाई गई। शिशुवती माताओं को स्तनपान के महत्व, संतुलित आहार तथा विभागीय योजनाओं से अवगत कराया गया, वहीं कार्यकर्ताओं को केंद्रों की साज-सज्जा के तरीके सिखाए गए, ताकि नन्हे बच्चों को आकर्षक और शिक्षाप्रद माहौल मिल सके।
कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन में इस थीम को जमीनी स्तर पर आत्मसात कराने विशेष पहल की जा रही है। इसके तहत प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र को स्थानीय समुदाय से जोड़ते हुए जनप्रतिनिधियों, अभिभावकों एवं स्व-सहायता समूहों की सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है। केंद्रों में पोषण वाटिका विकसित करने, स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक अनाज एवं मोटे अनाज को आहार में शामिल करने, गोद भराई तथा अन्नप्राशन जैसे आयोजनों को उत्सव का स्वरूप देने और अधिकारियों द्वारा केंद्रों के नियमित निरीक्षण पर बल दिया जा रहा है।
इसी क्रम में परियोजना कार्यालय रामचन्द्रपुर में बैठक सह प्रशिक्षण आयोजित हुआ, जिसमें पोषण माह एवं सेवा संकल्प अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा की गई। कार्यकर्ताओं को वजन दक्षता के व्यावहारिक गुर सिखाए गए-मशीन को समतल स्थान पर स्थापित करना, उसकी सटीकता परखना, बच्चों की ऊंचाई एवं लंबाई मापने की सही विधि तथा पोषण ट्रैकर में आंकड़ों की त्रुटिरहित प्रविष्टि। साथ ही कुपोषित बच्चों की समुदाय स्तर पर देखभाल, गंभीर श्रेणी के बच्चों को चिन्हांकित कर पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) भेजने, गर्भवती महिलाओं के समय पर पंजीयन व स्वास्थ्य परीक्षण तथा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ दिलाने पर विशेष जोर दिया गया। ऑनलाइन प्रविष्टियों का प्रायोगिक अभ्यास भी कराया गया।
कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी ने कहा कि पोषण माह महज एक माह तक सीमित आयोजन नहीं, बल्कि व्यवहार परिवर्तन का सतत अभियान है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी बच्चों के स्वस्थ भविष्य की पहली सीढ़ी है, इसलिए हर बच्चे का नियमित मापन और सटीक रिकॉर्ड सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने माताओं, अभिभावकों एवं समुदाय से अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील करते हुए कहा कि सबके साझा प्रयास से ही जिले को कुपोषण मुक्त बनाने का लक्ष्य समय पर पूरा होगा।








