बलरामपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप जिले में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ को मूर्त रूप देने के लिए कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला पंचायत सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी, सभी अनुविभागीय अधिकारियों (राजस्व) एवं जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने राज्य शासन से प्राप्त दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करते हुए कैलेंडर आधारित कार्ययोजना तैयार करने को कहा।
कलेक्टर ने अभियान के लिए नियुक्त नोडल एवं सब-नोडल अधिकारी को सक्रिय सहभागिता के साथ युद्धस्तर पर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभियान से जुड़े सभी कार्य विभागीय समन्वय से तय समय-सीमा से पहले पूर्ण हों, ताकि किसी भी कार्यक्रम में कोई कमी न रह जाए। व्यापक प्रचार-प्रसार पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी घर-घर तक पहुँचे, जिससे अधिकाधिक नागरिक इसमें भाग ले सकें। ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के लिए 13 से 15 सितंबर के बीच दीयों का वितरण हर हाल में पूरा करने की हिदायत भी दी गई।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सेवा और समर्पण के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित इस अभियान का ध्येय शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना और राष्ट्र निर्माण में जनभागीदारी को सशक्त करना है। एक माह की अवधि में 12 पहलों के जरिए विद्यालयों, महाविद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, ग्राम पंचायतों और नगरीय क्षेत्रों में विविध गतिविधियाँ संचालित होंगी।
शुभारंभ 17 सितंबर की संध्या ‘आशीर्वाद का दीया’ से होगा, जब परिवार, स्व-सहायता समूहों की दीदियाँ, पंचायत प्रतिनिधि और प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही एक साथ दीप जलाकर जन-आभार प्रकट करेंगे। दीये राशन दुकानों, आरोग्य मंदिरों और गैस वितरण केंद्रों से बाँटे जाएँगे, वहीं अमृत सरोवर, पंचायत भवन तथा आवास योजना के मोहल्लों में सामूहिक दीप प्रज्वलन होगा। ‘मेरे सपनों का भारत – चित्र सेवा’ में 18 सितंबर को स्कूलों में ड्राइंग तथा 19 सितंबर को चित्र प्रदर्शनी व भाषण प्रतियोगिता होगी, जिसके बाद 28 सितंबर और 1 अक्टूबर को विकासखंड स्तर तथा 3 अक्टूबर को जिला स्तर पर स्पर्धाएँ होंगी। 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक ‘नमो सेवा – अनकही कहानियाँ’ के माध्यम से विभिन्न स्थलों पर नुक्कड़ नाटकों और नृत्य नाटक का मंचन किया
जाएगा।
23 से 25 सितंबर तक ‘सेवा मेरा योगदान’ में नागरिक स्वच्छता, जल संरक्षण, पौधरोपण, रक्तदान और नदी-घाट सफाई जैसे कार्यों में स्वयं हाथ बँटाएँगे। 29 सितंबर को ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’ के अंतर्गत महाविद्यालयों में रंगोली प्रतियोगिता होगी और जिला मुख्यालय पर मानव रंगोली बनाई जाएगी। ‘सेवा सेतु – सरकार आपके द्वार’ के तहत 10 से 15 ग्रामों के क्लस्टर बनाकर प्रत्येक विकासखंड में न्यूनतम चार शिविर लगेंगे, जहाँ हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र मिलेंगे और राजस्व प्रकरणों का मौके पर निराकरण होगा। 7 अक्टूबर को ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’ में पदयात्रा, साइकिल और बाइक रैलियाँ विभिन्न दिशाओं से जिला मुख्यालय पहुँचेंगी, जबकि 9 अक्टूबर को होने वाले ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चौलेंज’ में भागीदारी के लिए जिले के युवा नवाचारियों को प्रेरित किया जाएगा। 12 अक्टूबर से आंगनबाड़ी केंद्रों में ‘आंगन मिलन सेवा’ के अंतर्गत मातृ संवाद एवं सम्मान कार्यक्रम होंगे और 17 अक्टूबर को ‘सुशासन सेवा संवाद – जनसेवक महाकुंभ’ के साथ अभियान संपन्न होगा। पूरे माह ‘सेवा की कहानी’ के जरिए हितग्राहियों की सफलता गाथाएँ सामने लाई जाएँगी तथा ‘जल जन सेवा संकल्प’ के अंतर्गत जल संरक्षण की गतिविधियाँ निरंतर चलती रहेंगी।
कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने जिलेवासियों से आह्वान किया कि वे जनसेवा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और ‘विकसित भारत 2047’ के राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने के इस अभियान से जुड़ें तथा इसके प्रत्येक आयोजन में बढ़-चढ़कर सक्रिय भागीदारी निभाएँ।








