पांच दिनों तक बादलों का डेरा, रोज हो सकती है हल्की से मध्यम बारिश; तेज हवा से धान की फसल गिरने और निचले खेतों में जलभराव की आशंका
किसानों को चेतावनी—गरज-चमक के दौरान खेतों में न करें काम, पेड़ और बिजली के खंभों से रहें दूर
अंबिकापुर। सरगुजा संभाग में आगामी पांच दिनों तक मौसम बदला हुआ रह सकता है। 23 से 27 सितंबर के बीच आसमान में बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। खासकर 26 और 27 सितंबर को बारिश की गतिविधियां बढ़ने के साथ गरज-चमक, तेज हवाएं और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इसे देखते हुए किसानों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
कृषि मौसम विज्ञान इकाई, क्षेत्रीय कृषि अनुसंधान केंद्र अंबिकापुर, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की ओर से जारी मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 23 से 25 सितंबर के दौरान प्रतिदिन करीब 9 से 12 मिलीमीटर बारिश हो सकती है। वहीं 26 और 27 सितंबर को बारिश बढ़कर प्रतिदिन लगभग 17 से 23 मिलीमीटर तक पहुंचने की संभावना है।
इस दौरान अधिकतम तापमान 30 से 31 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान करीब 22 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। सापेक्ष आर्द्रता 65 से 96 प्रतिशत के बीच रह सकती है।
तेज हवा से धान की फसल गिरने का खतरा
मौसम संबंधी जानकारी देते हुए कृषि मौसम विज्ञान इकाई के अनुसंधान सहायक यमलेश निषाद ने बताया कि 26 और 27 सितंबर को गरज-चमक के साथ तेज हवा चल सकती है। इसका असर धान सहित खेतों में खड़ी खरीफ फसलों पर पड़ सकता है। तेज हवा से फसल गिरने की आशंका है। निचले और कम जल निकासी वाले खेतों में पानी भर सकता है। लगातार नमी बने रहने से धान एवं अन्य फसलों में रोगों का प्रकोप भी बढ़ सकता है।
खेतों में पानी जमा न होने दें किसान
क्षेत्रीय कृषि अनुसंधान केंद्र के सह संचालक अनुसंधान डॉ. के.एल. पैकरा ने किसानों को खेतों में अतिरिक्त पानी जमा नहीं होने देने की सलाह दी है। इसके लिए नालियों एवं जल निकासी मार्गों को साफ रखने को कहा गया है। जो फसलें कटाई योग्य हो गई हैं, उनकी मौसम साफ रहने के दौरान जल्द कटाई कर उपज को सुरक्षित और ऊंचे स्थान पर रखने की सलाह दी गई है।
बारिश, तेज हवा और गरज-चमक के दौरान कीटनाशक, फफूंदनाशक एवं उर्वरकों का छिड़काव नहीं करने को कहा गया है। अधिक नमी की स्थिति में किसान फसलों पर रोग और कीटों की नियमित निगरानी करें।
बिजली चमके तो खुले खेत से तुरंत निकलें
किसानों को विशेष रूप से आकाशीय बिजली को लेकर सावधान किया गया है। गरज-चमक के दौरान खुले खेतों में काम नहीं करने, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े नहीं होने तथा सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी गई है। पशुओं को भी खुले स्थानों से हटाकर सुरक्षित जगह पर रखने को कहा गया है।
कृषि मौसम विज्ञान इकाई ने किसानों से अपील की है कि मौसम की जानकारी लेकर ही कृषि कार्य करें, खेतों में जल निकासी बनाए रखें और आकाशीय बिजली के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचें।









