बलरामपुर / भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्देश पर ‘रिफॉर्म उत्सव’ के तहत जिले में 15 अक्टूबर से 15 नवंबर 2026 तक ‘स्वास्थ्य-पोषण सेवा संगम’ आयोजित किया जा रहा है। पीएम जनमन योजना के तहत संचालित तीन बहुउद्देशीय केंद्रों (एमपीसी) में ये शिविर लगाए जा रहे हैं। ये केंद्र शंकरगढ़ विकासखंड के आमाकोना (पोड़ीखुर्द) और पतरापारा (भोंदना) तथा कुसमी विकासखंड के ढोढ़ाचौंपी-चंपानगर (भुलसीखुर्द) में स्थित हैं। प्रत्येक केंद्र में पोषण, स्वास्थ्य, जनसंपर्क एवं आजीविका पर केंद्रित शिविर लगेंगे। इनका उद्देश्य विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह
(पीवीटीजी) के हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना और बहुउद्देशीय केंद्रों को एकीकृत सेवा वितरण केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
अभियान की शुरुआत 22 अक्टूबर को आमाकोना और चंपानगर में पोषण शिविर के साथ हुई। अब 24 अक्टूबर को पतरापारा में पोषण शिविर लगेगा। इन शिविरों में बच्चों का वजन-ऊंचाई मापन, पूरक पोषण आहार और गर्भवती व शिशुवती माताओं को पोषण किट का वितरण किया जा रहा है। साथ ही मातृ पोषण, शिशु आहार और कुपोषण की रोकथाम के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है।
28 अक्टूबर को आमाकोना और चंपानगर में तथा 29 अक्टूबर को पतरापारा में स्वास्थ्य शिविर आयोजित होंगे। इनमें सामान्य स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण, सिकल सेल, टीबी, मलेरिया, रक्तचाप एवं शुगर की जांच के साथ आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई जाएंगी। गंभीर मरीजों को एंबुलेंस और महतारी एक्सप्रेस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या जिला अस्पताल भेजने की सुविधा भी रहेगी।
4 नवंबर को आमाकोना और चंपानगर में तथा 6 नवंबर को पतरापारा में जनसंपर्क एवं समस्या निवारण शिविर लगेंगे। इनमें ग्रामीणों की शिकायतें दर्ज कर यथासंभव मौके पर ही उनका निराकरण किया जाएगा। अंतिम चरण में 11 नवंबर को आमाकोना और चंपानगर में तथा 12 नवंबर को पतरापारा में आजीविका शिविर होंगे। इनमें स्व-सहायता समूहों और वनधन विकास केंद्रों के उत्पादों तथा लघु वनोपज की प्रदर्शनी लगाई जाएगी।
कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने संबंधित क्षेत्रों के ग्रामीणों, विशेषकर गर्भवती व शिशुवती माताओं और बच्चों के अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने नजदीकी बहुउद्देशीय केंद्र में निर्धारित तिथि पर पहुंचकर इन शिविरों का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि सुदूर वनांचल का कोई भी पात्र परिवार स्वास्थ्य, पोषण और आजीविका से जुड़ी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।








