क्यूआर कोड से भुगतान का झांसा देकर देते थे वारदात को अंजाम, पेट्रोल पंप कर्मियों की सतर्कता से पकड़ में आया मामला
अंबिकापुर। पेट्रोल पंपों पर फुल टैंक पेट्रोल या डीजल भरवाकर बिना भुगतान किए फरार होने का मामला सामने आया है। सरगुजा जिले के अनुजनगर (लटोरी) स्थित पेट्रोल पंप से पेट्रोल भरवाकर भागी कार का कर्मचारियों ने करीब 20 किलोमीटर तक पीछा किया और अंबिकापुर की अर्बन चौपाटी में उसे पकड़ लिया। हालांकि, पीछा किए जाने की भनक लगते ही कार सवार वाहन छोड़कर फरार हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कार की जांच की तो उसके अंदर निकाली गई नंबर प्लेट मिली। इसके आधार पर वाहन स्वामी की पहचान किए जाने की बात सामने आई है।
क्यूआर कोड से भुगतान का झांसा देकर भागते थे आरोपी
मिली जा
नकारी के अनुसार, अंबिकापुर और लुंड्रा क्षेत्र के कुछ लोगों पर सरगुजा सहित आसपास के जिलों में इस तरह की वारदातों को अंजाम देने का संदेह है। बताया जा रहा है कि कार, स्कॉर्पियो सहित अन्य वाहनों की नंबर प्लेट निकालकर पेट्रोल पंप पहुंचते थे। इसके बाद वाहन में फुल टैंक पेट्रोल या डीजल भरवाते और भुगतान के दौरान क्यूआर कोड के जरिए पैसे देने का झांसा देकर कर्मचारियों को उलझा देते थे। इसी दौरान मौका मिलते ही बिना भुगतान किए वाहन लेकर फरार हो जाते थे।
कई घटनाओं के बाद सतर्क हुए पेट्रोल पंप संचालक
अंबिकापुर शहर और आसपास के इलाकों में इसी महीने इस तरह की कई घटनाएं सामने आने के बाद पेट्रोल पंप संचालक और कर्मचारी सतर्क हो गए थे। इसी सतर्कता के चलते अनुजनगर (लटोरी) स्थित पेट्रोल पंप के कर्मचारियों ने पेट्रोल भरवाकर भाग रहे वाहन का पीछा करना शुरू कर दिया। वाहन क्रमांक CG15EB4388 का पीछा करते हुए कर्मचारी करीब 20 किलोमीटर दूर अंबिकापुर पहुंच गए।
जैन मंदिर के पास कार छोड़कर भागे सवार
पीछा किए जाने की भनक लगते ही कार सवारों ने अंबिकापुर की अर्बन चौपाटी में जैन मंदिर के बगल में वाहन खड़ा कर दिया और मौके से फरार हो गए। पेट्रोल पंप कर्मचारियों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने कार की तलाशी ली तो उसके अंदर निकाली गई नंबर प्लेट मिली। इसके आधार पर वाह
न स्वामी की पहचान की गई।
जांच में सामने आ सकती हैं अन्य वारदातें
इस घटना ने पेट्रोल पंपों पर भुगतान के नाम पर कथित धोखाधड़ी और वाहनों की पहचान छिपाकर फरार होने के तरीके को उजागर किया है। अब पुलिस की जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि इस मामले में कौन-कौन लोग शामिल हैं और क्या उनका संबंध पेट्रोल पंपों पर हुई अन्य घटनाओं से भी है।







