लकड़ी लेने जंगल गए थे रविदास और कमला, मधुमक्खियों के झुंड ने अचानक बोला हमला, मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उपचार के दौरान तोड़ा दम
अंबिकापुर।
सरगुजा जिले के वनांचल क्षेत्रों में जंगल से जलाऊ लकड़ी और वनोपज एकत्र करने जाने वाले ग्रामीणों की सुरक्षा पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। जयनगर थाना क्षेत्र के लटोरी चौकी अंतर्गत ग्राम कल्याणपुर में मधुमक्खियों के झुंड के हमले से 40 वर्षीय ग्रामीण की मौत हो गई, जबकि उसके साथ गई महिला भी घायल हो गई। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है।
मिली जानकारी के अनुसार ग्राम कल्याणपुर निवासी रविदास अपनी साथी ग्रामीण महिला कमला के साथ रविवार दोपहर जलाऊ लकड़ी इकट्ठा करने जंगल गया था। दोनों जंगल में लकड़ियां एकत्र कर रहे थे, तभी अचानक पेड़ पर बने मधुमक्खियों के छत्ते से सैकड़ों मधुमक्खियां निकलकर उन पर टूट पड़ीं। अचानक हुए हमले से दोनों घबरा गए और जान बचाने के लिए भागने लगे। महिला कमला किसी तरह मधुमक्खियों के झुंड से बच निकलने में सफल रही, लेकिन रविदास को मधुमक्खियों ने घेर लिया और उसके शरीर पर कई डंक मार दिए।
मेडिकल कॉलेज अस्पताल में तोड़ा दम
मधुमक्खियों के लगातार डंक मारने से रविदास की हालत गंभीर हो गई। किसी तरह घर पहुंचने के बाद उसकी बिगड़ती स्थिति देखकर परिजन उसे तत्काल स्थानीय अस्पताल लेकर पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद हालत में सुधार नहीं होने पर चिकित्सकों ने उसे अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया। यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार शुरू किया गया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
बताया जा रहा है कि रविदास परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। वह मजदूरी करने के साथ जंगल से वनोपज एकत्र कर परिवार का भरण-पोषण करता था। उसकी असामयिक मौत से परिवार के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। घटना ने जंगल पर निर्भर ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। वन क्षेत्रों में महुआ, लकड़ी और अन्य वनोपज
एकत्र करने जाने वाले ग्रामीणों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।









