बलरामपुर / ग्रामीण अंचलों में छिपी खेल प्रतिभाओं को मंच देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन बलरामपुर-रामानुजगंज द्वारा आयोजित जिला स्तरीय सरगुजा ओलंपिक खेल प्रतियोगिता 2026-27 का आज शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती हीरामुनी निकुंज, जनपद पंचायत अध्यक्ष सुश्री सुमित्रा चेरवा, श्री ओमप्रकाश जायसवाल, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती अनिता मरकाम, श्रीमती अर्पणा दीक्षित, श्री भानू प्रकाश दीक्षित सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अपर कलेक्टर श्री आर.एस. लाल, श्री अभिषेक गुप्ता एवं अधिकारी उपस्थित रहे। पहले ही दिन जूनियर एवं सीनियर वर्ग के बालक-बालिकाओं से लेकर महिला एवं पुरुष खिलाड़ियों ने विभिन्न विधाओं में अपने कौशल, दमखम और खेल
भावना का शानदार प्रदर्शन किया।
आयोजन के प्रति जिले में उत्साह का अंदाजा पंजीयन के आंकड़ों से लगाया जा सकता है। विकासखंड स्तर पर कुल 91 हजार 995 खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया, जिनमें 47 हजार 945 महिलाएं और 44 हजार 50 पुरुष शामिल हैं। महिलाओं की भागीदारी पुरुषों से अधिक रहना ग्रामीण अंचलों में खेलों के प्रति बदलते नजरिए का संकेत है। सर्वाधिक 21 हजार 932 पंजीयन वाड्रफनगर विकासखंड से हुए, जबकि राजपुर से 19 हजार 943, रामचंद्रपुर से 16 हजार 71, बलरामपुर से 13 हजार 719, कुसमी से 10 हजार 250 तथा शंकरगढ़ से 10 हजार 80 खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया। विकासखंड स्तरीय प्रतियोगिताओं में 8 हजार 837 खिलाड़ियों ने भाग लिया, जिनमें 4 हजार 581 पुरुष एवं 4 हजार 256 महिलाएं रहीं। इनमें कुसमी से 1688, शंकरगढ़ से 1655, राजपुर से 1536, बलरामपुर से 1422,
वाड्रफनगर से 1385 तथा रामचंद्रपुर से 1151 खिलाड़ी शामिल हुए।
प्रथम दिवस सेजेस हिंदी माध्यम विद्यालय खेल मैदान में सीनियर महिला वर्ग की रस्साकसी तथा एथलेटिक्स की 100 मीटर, 200 मीटर, 400 मीटर दौड़, रिले दौड़, गोला फेंक, भाला फेंक, तवा फेंक, ऊंची कूद और लंबी कूद स्पर्धाएं आयोजित हुईं, वहीं पुलिस लाइन स्थित इंडोर हॉल में वॉलीबॉल एवं बैडमिंटन के मुकाबले खेले गए। 04 नवंबर को फुटबॉल, तीरंदाजी, खो-खो, कराते, कुश्ती एवं बास्केटबॉल तथा 05 नवंबर को कबड्डी एवं हॉकी की प्रतियोगिताएं होंगी। मुकाबले सेजेस हिंदी माध्यम विद्यालय, कृषि विज्ञान केंद्र जाबर, मिशन स्कूल तथा एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय भेलवाडीह के खेल मैदानों में आयोजित किए जाएंगे। आयोजन से जिले के प्रतिभावान खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर मिलने के साथ पारंपरिक एवं आधुनिक खेलों के प्रति युवाओं में नया उत्साह देखने को मिल रहा है।










