बलरामपुर / आमजन की समस्याओं के निराकरण के साथ-साथ जरूरतमंदों की सहायता और प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन निरंतर संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहा है। इसी कड़ी में कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी की पहल परयूपीएससी की तैयारी कर रही छात्रा महिमा प्रजापति को प्रतियोगी परीक्षा की आवश्यक पुस्तकें उपलब्ध कराई गईं।
पुस्तकें प्राप्त करते ही महिमा भावुक हो उठीं। उन्होंने कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी एवं जिला प्रशासन के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहयोग उनके लिए किसी संबल से कम नहीं है। महिमा ने बताया कि उनके पिता कृषि कार्य कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं, जबकि उनकी माता गृहिणी हैं। सीमित आय के कारण प्रतियोगी परीक्षाओं की महंगी पुस्तकों की व्यवस्था करना परिवार के लिए कठिन था। ऐसे में संसाधनों के अभाव के बीच उनका सपना अधूरा होता नजर आ रहा था। लेकिन प्रशासन के सहयोग से महिमा के सपनों को नई दिशा मिल रही है।
कलेक्टर के निर्देशानुसार अपर कलेक्टर श्री आर.एन. पाण्डेय ने महिमा को यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के लिए जरूरी पुस्तकें प्रदान कीं। इस अवसर पर उन्होंने महिमा का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियां कभी भी सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकतीं, यदि लक्ष्य के प्रति समर्पण और मेहनत सच्ची हो। उन्होंने महिमा को निरंतर अध्ययन करने, अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहने तथा भविष्य में जिले और प्रदेश का नाम रोशन
करने के लिए प्रेरित किया।
वर्तमान में महिमा जिला ग्रंथालय में यूपीएससी परीक्षा की तैयारी कर रही हैं। उनका लक्ष्य प्रशासनिक सेवा में चयनित होकर समाज और जरूरतमंद लोगों की सेवा करना है। आर्थिक कठिनाइयों के कारण अध्ययन सामग्री की कमी उनकी राह में बड़ी बाधा थी, लेकिन जिला प्रशासन की इस संवेदनशील पहल ने उस बाधा को काफी हद तक दूर कर दिया है। महिमा का कहना है कि प्रशासन से मिला यह सहयोग उन्हें अपने लक्ष्य की ओर और अधिक आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देगा।
गौरतलब है कि कुछ समय पूर्व महिमा प्रजापति अपनी समस्या लेकर कलेक्ट्रेट पहुंची थीं। प्रतीक्षालय में बैठी छात्रा की गंभीरता और संघर्षपूर्ण परिस्थितियों पर कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी की नजर पड़ी। चर्चा के दौरान महिमा ने बताया कि वह यूपीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा की तैयारी कर रही हैं, लेकिन आर्थिक अभाव के कारण आवश्यक अध्ययन सामग्री और पुस्तकों की व्यवस्था नहीं कर पा रही हैं। छात्रा की लगन, मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण को देखते हुए कलेक्टर ने उन्हें आवश्यक पुस्तकें उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था।
कलेक्टर ने कहा है कि जिला प्रशासन केवल शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंद लोगों की सहायता और उनकी संभावनाओं को आगे बढ़ाने के लिए भी प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रतिभाशाली विद्यार्थी को संसाधनों के अभाव में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा हो, तो प्रशासन यथासंभव सहयोग करने का प्रयास करेगा। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि भविष्य में अध्ययन से संबंधित किसी भी प्रकार की आवश्यकता होने पर जिला प्रशासन हर संभव सहयोग के लिए तत्पर रहेगा।










