अंबिकापुर। संभागीय आबकारी उड़नदस्ता सरगुजा को “ऑपरेशन क्लीन” अभियान के तहत एक और बड़ी सफलता मिली है। आबकारी विभाग ने नशीली
दवाइयों के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए करीब चार लाख रुपये कीमत के नशीले इंजेक्शन बरामद किए हैं। इस मामले में सप्लायर मोशीम अंसारी को गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया है।
सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता ने बताया कि 15 जून 2026 को पहले गिरफ्तार किए गए आरोपी वाहिद अंसारी से पूछताछ के दौरान इस पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। वाहिद अंसारी के कब्जे से 200 नग नशीले इंजेक्शन जब्त किए गए थे। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि उसने यह माल इमलीपारा स्थित शमशुद्दोहा हॉस्पिटल के सामने दुकान संचालित कर रहे मोशीम अंसारी से खरीदा था।
आरोपी के बयान के आधार पर उसी दिन दोपहर में आबकारी उड़नदस्ता टीम ने सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता के नेतृत्व में मोशीम अंसारी की दुकान पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान दुकान के काउंटर के नीचे रखे सफेद झोले से 2 अलग-अलग कंपनी के 400 नग नशीली दवाई बरामद किए गए। जब्त इंजेक्शनों की कुल बाजार
कीमत करीब चार लाख रुपये बताई जा रही है।
आबकारी विभाग ने आरोपी मोशीम अंसारी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 22 (सी) और 29 के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया। शुक्रवार को उसे विशेष न्यायाधीश नार्कोटिक्स न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायालय ने उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने का आदेश दिया।
सहायक जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि संभागीय आबकारी उड़नदस्ता सरगुजा ने पिछले एक वर्ष में नशीली दवाइयों के खिलाफ 50 से अधिक प्रकरण दर्ज किए हैं। इसके बावजूद अवैध कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी को देखते हुए “ऑपरेशन क्लीन” के तहत नशे के कारोबारियों पर लगातार सख्त कार्रवाई जारी है।
इस पूरी कार्रवाई में नगर सैनिक गणेश पांडे, रणविजय सिंह, ओमप्रकाश गुप्ता और रोहित सोनवानी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।








