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Bureau Report
बिश्रामपुर। सरगुजा संभाग को देश की राजधानी दिल्ली से जोड़ने वाली बहुप्रतीक्षित 22407/22408 अम्बिकापुर–हजरत निजामुद्दीन अप एंड डाउन एक्सप्रेस ट्रेन के बिश्रामपुर रेलवे स्टेशन पर नियमित ठहराव की मांग को लेकर रेल संघर्ष समिति के पिछले दिनो बिश्रामपुर स्टेशन में धरना प्रदर्शन के बाद अब प्रदेश की महिला बाल विकास मंत्री से मुलाकात कर इस संबंध में मांग पत्र सौंपा है।समिति के प्रदीप गर्ग के नेतृत्व में सदस्यों ने गुरुवार को कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े को सौंपे आवेदन में उल्लेख किया है कि बिश्रामपुर और आसपास के क्षेत्रों की बड़ी आबादी इस महत्वपूर्ण ट्रेन के ठहराव से सीधे लाभान्वित हो सकती है। विद्यार्थियों, कर्मचारियों, व्यापारियों, मरीजों, नौकरीपेशा लोगों और दिल्ली सहित देश के विभिन्न शहरों की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यह ठहराव बड़ी राहत साबित होगा। रेल संघर्ष समिति ने आवेदन में ट्रेन के वर्तमान ठहराव को लेकर महत्वपूर्ण सवाल उठाया है। समिति के अनुसार ट्रेन का ठहराव अम्बिकापुर के बाद जिला मुख्यालय सूरजपुर और बैकुंठपुर में है। इसके बाद ट्रेन मध्यप्रदेश में प्रवेश कर जाती है, जहां कई स्टेशनों पर इसका ठहराव उपलब्ध है। ऐसे में बिश्रामपुर जैसे महत्वपूर्ण औद्योगिक एवं व्यापारिक केंद्र को इस सुविधा से वंचित रखा जाना क्षेत्रवासियों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। समिति का कहना है कि बिश्रामपुर तथा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों को इस ट्रेन से यात्रा करने के लिए पहले अम्बिकापुर या अन्य स्टेशन तक पहुंचना पड़ता है। सार्वजनिक परिवहन की पर्याप्त सुविधा नहीं होने के कारण कई यात्रियों को मजबूरी में निजी या विशेष वाहन बुक करने पड़ते हैं। इससे यात्रा का खर्च बढ़ने के साथ-साथ बुजुर्गों, मरीजों, विद्यार्थियों और महिलाओं को अतिरिक्त परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बिश्रामपुर केवल कोयला उत्पादन के लिए ही पहचान नहीं रखता, बल्कि यह सूरजपुर जिले के प्रमुख व्यापारिक एवं आर्थिक केंद्रों में भी शामिल है। यहां एसईसीएल से जुड़े कर्मचारी और उनके परिवारों के अलावा विभिन्न राज्यों से आए लोग निवास करते हैं। आसपास के ग्रामीण इलाकों की बड़ी आबादी भी रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार के लिए बिश्रामपुर पर निर्भर है। समिति ने कहा कि दिल्ली, उत्तर भारत तथा देश के अन्य प्रमुख शहरों तक आवागमन के लिए अम्बिकापुर-निजामुद्दीन एक्सप्रेस अत्यंत महत्वपूर्ण ट्रेन है। यदि इसका बिश्रामपुर में नियमित ठहराव शुरू हो जाता है तो न केवल
स्थानीय यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि क्षेत्र में व्यापार, रोजगार, शिक्षा और पर्यटन गतिविधियों को भी गति मिल सकती है। ट्रेन के ठहराव की मांग को केवल यात्री सुविधा से जोड़कर नहीं देखा जा रहा है। समिति का कहना है कि स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं के लिए बाहर जाने वाले मरीजों और उनके परिजनों के लिए भी यह सुविधा बेहद उपयोगी होगी। दिल्ली सहित बड़े शहरों में उपचार, उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए जाने वाले विद्यार्थियों को भी इससे सीधा लाभ मिल सकता है। ऐसे में बिश्रामपुर स्टेशन पर ट्रेन रुकने से उन्हें अनावश्यक रूप से दूसरे शहर जाकर ट्रेन पकड़ने की मजबूरी से राहत मिल सकती है। रेल संघर्ष समिति के अनुसार बिश्रामपुर स्टेशन पर ट्रेन के ठहराव की मांग कई बार रेलवे अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के समक्ष रखी जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो पाया है। यही वजह है कि अब क्षेत्र में इस मांग को लेकर जनभावनाएं लगातार मजबूत होती जा रही हैं। यदि लंबे समय से चली आ रही मांग पर शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं हुई तो क्षेत्र की जनता का आक्रोश और बढ़ सकता है तथा आंदोलन आने वाले समय में बड़े स्वरूप में बदल सकता है।समिति ने क्षेत्रीय विधायक एवं मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े से आग्रह किया है कि वे इस मामले को रेलवे के उच्च अधिकारियों और केंद्र सरकार के संबंधित मंत्रालय के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाएं तथा 22407/22408 अम्बिकापुर–हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस का बिश्रामपुर रेलवे स्टेशन पर नियमित ठहराव सुनिश्चित कराने के लिए आवश्यक पहल करें। इस दौरान नगर पंचायटी शिवनंदनपुर अध्यक्ष रितेश जायसवाल, अशोक अग्रवाल शोक्की व अन्य उपस्थित थे।










