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Bureau Report
बिश्रामपुर। ग्राम पंचायत रामनगर के अटल चौक में पिछले एक सप्ताह से बिजली आपूर्ति ठप होने से ग्रामीणों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो
गया है। जर्जर विद्युत तार जल जाने के कारण पूरे इलाके में अंधेरा पसरा हुआ है। खेतों में सिंचाई रुक गई है, पेयजल व्यवस्था चरमरा गई है और सैकड़ों ग्रामीण रोजमर्रा की मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान हैं। लगातार एक सप्ताह बीत जाने के बावजूद बिजली आपूर्ति बहाल नहीं होने से ग्रामीणों में बिजली विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि जिस विद्युत लाइन से अटल चौक और आसपास के मोहल्लों में बिजली पहुंचती है, उसके तार लंबे समय से जर्जर और सड़-गल चुके थे। कई बार अधिकारियों को इसकी जानकारी देने के बावजूद समय रहते तार नहीं बदले गए। आखिरकार तार जल गया और पूरा इलाका अंधेरे में डूब गया।लोगों का कहना है कि केवल अस्थायी मरम्मत से काम नहीं चलेगा, बल्कि पूरी लाइन में नए केबल लगाए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी समस्या दोबारा न हो। बरसात के मौसम में बिजली गुल रहने से किसानों की चिंता और बढ़ गई है। खेतों में लगे विद्युत पंप बंद पड़े हैं, जिससे सिंचाई प्रभावित हो रही है। दूसरी ओर मोटर नहीं चल पाने से पेयजल संकट भी गहरा गया है। महिलाओं को दूर-दराज से पानी लाना पड़ रहा है। रविवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी समस्या पूर्व भाजयुमो जिला
महामंत्री दुर्गा गुप्ता के समक्ष रखी और तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि बिजली नहीं होने से खेती, घरेलू कार्य, बच्चों की पढ़ाई और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं बुरी तरह प्रभावित हो चुकी हैं। उन्होंने बिजली विभाग से तत्काल पुराने जले हुए तार हटाकर नए केबल लगाने की मांग की।
गया है। जर्जर विद्युत तार जल जाने के कारण पूरे इलाके में अंधेरा पसरा हुआ है। खेतों में सिंचाई रुक गई है, पेयजल व्यवस्था चरमरा गई है और सैकड़ों ग्रामीण रोजमर्रा की मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान हैं। लगातार एक सप्ताह बीत जाने के बावजूद बिजली आपूर्ति बहाल नहीं होने से ग्रामीणों में बिजली विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि जिस विद्युत लाइन से अटल चौक और आसपास के मोहल्लों में बिजली पहुंचती है, उसके तार लंबे समय से जर्जर और सड़-गल चुके थे। कई बार अधिकारियों को इसकी जानकारी देने के बावजूद समय रहते तार नहीं बदले गए। आखिरकार तार जल गया और पूरा इलाका अंधेरे में डूब गया।लोगों का कहना है कि केवल अस्थायी मरम्मत से काम नहीं चलेगा, बल्कि पूरी लाइन में नए केबल लगाए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी समस्या दोबारा न हो। बरसात के मौसम में बिजली गुल रहने से किसानों की चिंता और बढ़ गई है। खेतों में लगे विद्युत पंप बंद पड़े हैं, जिससे सिंचाई प्रभावित हो रही है। दूसरी ओर मोटर नहीं चल पाने से पेयजल संकट भी गहरा गया है। महिलाओं को दूर-दराज से पानी लाना पड़ रहा है। रविवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी समस्या पूर्व भाजयुमो जिला
महामंत्री दुर्गा गुप्ता के समक्ष रखी और तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि बिजली नहीं होने से खेती, घरेलू कार्य, बच्चों की पढ़ाई और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं बुरी तरह प्रभावित हो चुकी हैं। उन्होंने बिजली विभाग से तत्काल पुराने जले हुए तार हटाकर नए केबल लगाने की मांग की।मामले की गंभीरता को देखते हुए दुर्गा गुप्ता ने तत्काल बिजली विभाग के संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर शीघ्र कार्रवाई करने का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने सीएम हेल्पलाइन में भी शिकायत दर्ज कराई, ताकि समस्या के समाधान में तेजी लाई जा सके। उनका कहना है कि ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाओं के लिए एक सप्ताह तक इंतजार करना उचित नहीं है और विभाग को प्राथमिकता के आधार पर बिजली आपूर्ति बहाल करनी चाहिए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो खेती-किसानी को भारी नुकसान होगा और पेयजल संकट और गंभीर हो जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि विभाग ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की तो ग्रामीण सामूहिक रूप से आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे।










