अंबिकापुर। संभागीय आबकारी उड़नदस्ता टीम सरगुजा ने नशीले इंजेक्शनों के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सप्लायर राजेश
मंदिलवार उर्फ बुटन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन क्लीन’ अभियान के तहत की गई, जिससे नशे के कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता ने बताया कि 12 जुलाई को ब्रह्मपारा निवासी आशा पाण्डेय के कब्जे से 19 नग रेक्सोजेसिक इंजेक्शन तथा 9 नग एविल इंजेक्शन जब्त किए गए थे। इस मामले में आशा पाण्डेय को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।
पूछताछ के दौरान आशा पाण्डेय ने बताया कि उसने उक्त नशीले इंजेक्शन अपने पड़ोसी राजेश मंदिलवार उर्फ बुटन से खरीदे थे। उसके बयान के आधार पर आबकारी टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए राजेश मंदिलवार को उसी शाम गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद सोमवार को उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया। आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता ने बताया कि ब्रह्मपारा क्षेत्र पहले ब्राउन शुगर के अवैध कारोबार के लिए कुख्यात रहा है, लेकिन अब यहां
नशीले इंजेक्शनों का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि आशा पाण्डेय और राजेश मंदिलवार क्षेत्र में इस कारोबार के प्रमुख नामों में शामिल थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आशा पाण्डेय नशीले इंजेक्शनों की फुटकर विक्रेता थी, जबकि राजेश मंदिलवार उर्फ बुटन थोक स्तर पर इसकी सप्लाई करता था।
उन्होंने बताया कि बुटन काफी समय से बेहद सावधानी से इस अवैध कारोबार को संचालित कर रहा था, जिसके कारण वह अब तक गिरफ्तारी से बचता रहा। हालांकि, आशा पाण्डेय की गिरफ्तारी के बाद मिले सुराग के आधार पर उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया।
आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि नशीली दवाओं और मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ विभाग की जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहेगी तथा भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई लगातार की जाएगी।
उक्त कार्रवाई सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता के नेतृत्व में की गई। कार्रवाई में आबकारी उपनिरीक्षक टी.आर. केहरी, सहायक उपनिरीक्षक रमेश दुबे, नगर सैनिक गणेश पाण्डेय, रणविजय सिंह, रोहित सोनवानी तथा महिला सैनिक राजकुमारी एवं चंद्रावती की महत्वपूर्ण भूमिका रही।










