बुजुर्ग महिला को मिला न्याय
भैयाथान। वर्षों से चले आ रहे बहुचर्चित भूमि घोटाले में आखिरकार झिलमिली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तत्कालीन तहसीलदार, पटवारी सहित चार लोगों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर लिया है। आरोप है कि ग्राम कोयलारी निवासी शैलकुमारी दुबे को कागजों में मृत दर्शाकर उनकी वैध भूमि का फर्जी नामांतरण कराया गया और बाद में उस जमीन का हिस्सा दान एवं बिक्री के माध्यम से दूसरे लोगों के नाम कर दिया गया।
पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर क्रमांक 185/2026 में वीरेंद्रनाथ दुबे, तत्कालीन तहसीलदार संजय कुमार राठौर, तत्कालीन हल्का पटवारी इंजलीना भगत एवं कमलेश दुबे को आरोपी बनाया गया है। इनके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) एवं 61(2) के तहत अपराध दर्ज किया गया है।शिकायत के अनुसार, वर्ष 1976 में शैलकुमारी दुबे ने संबंधित भूमि विधिवत खरीदी थी और वर्षों से उसका स्वामित्व उनके पास था। आरोप है कि वर्ष 2024 में फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र और झूठे शपथ
पत्र के आधार पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद राजस्व अभिलेखों से उनका नाम हटाकर वीरेंद्रनाथ दुबे के नाम नामांतरण कर दिया गया। इसके कुछ ही दिनों बाद भूमि का एक हिस्सा कमलेश दुबे को दान और अन्य हिस्से शिवम दुबे एवं संजय कुमार के पक्ष में विक्रय कर दिया गया।जांच के दौरान पुलिस को मिले दस्तावेजों, राजस्व अभिलेखों, गवाहों के बयान और विभागीय जांच रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया फर्जीवाड़ा, धोखाधड़ी और षड्यंत्र के पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर अपराध दर्ज किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि जिस महिला को मृत बताकर नामांतरण कराया गया, वह जीवित थीं और उनके जीवित होने के कई दस्तावेज उपलब्ध थे।यह मामला लंबे समय से चर्चा में था। शिकायतकर्ता लगातार न्याय की मांग कर रही थीं। अब पुलिस द्वारा अपराध दर्ज किए जाने के बाद राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले की विवेचना जारी है और जांच के आधार पर आगे अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।










