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Bureau Report
3.68 लाख के 60 रेल टिकट बरामद
बिश्रामपुर। रेलवे आरक्षित टिकटों की अवैध खरीद-बिक्री के मामले में रेलवे सुरक्षा बल ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि बैकुंठपुर स्थित सीटी पीआरएस काउंटर से खाली टिकटों पर हाथ से पीएनआर नंबर और अन्य जानकारी लिखकर टिकट तैयार किए जाते थे। इसके बाद इन्हें अधिक कीमत पर ग्राहकों को बेचा जाता था। कार्रवाई के दौरान कुल 60 तत्काल एवं सामान्य आरक्षित रेल टिकटों के स्क्रीनशॉट जब्त किए गए, जिनकी कुल कीमत करीब 3 लाख 68 हजार 351 रुपये बताई गई है।वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त बिलासपुर के निर्देश पर आरपीएफ निरीक्षक सुनीता मिंज द्वारा मामले की जांच की गई। जांच अधिकारी ने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि 1 अगस्त 2026 को सीटी पीआरएस बैकुंठपुर के काउंटर से जारी एक खाली टिकट पर पेन से पीएनआर नंबर एवं अन्य जानकारी लिखी गई थी। यह टिकट इलाहाबाद जंक्शन में जांच के दौरान पकड़ा गया। सिस्टम में पीएनआर नंबर की जांच करने पर वह गलत पाया गया।
मामले में जीआरपी जौनपुर द्वारा उक्त टिकट को जब्त कर अपराध क्रमांक 22/26, दिनांक 5 अगस्त 2026 को बीएनएस की धारा 318(4), 319(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच आगे बढ़ने पर बैकुंठपुर सीटी पीआरएस में कार्यरत नगर पालिका के संविदा कर्मचारी अविनाश कुमार पिता शंभू सिंह, उम्र 35 वर्ष, निवासी नवापारा सरडी, थाना चरचा, जिला कोरिया की भूमिका सामने आई। जांच में आरोप है कि अविनाश कुमार खाली टिकट पर हाथ से पीएनआर एवं अन्य जानकारी लिखकर टिकट तैयार करता था और इन्हें संजय कुमार विश्वकर्मा पिता अमरनाथ विश्वकर्मा, उम्र 48 वर्ष, निवासी वार्ड नंबर 21, मोहल्ला पिरखापुर, थाना व जिला भदोही, उत्तर प्रदेश को भेजता था।
पूछताछ में अविनाश कुमार द्वारा टिकट तैयार कर बस के माध्यम से बनारस भेजने तथा इसके बदले प्रति व्यक्ति 400 रुपये कमीशन लेने की बात स्वीकार किए जाने की जानकारी सामने आई। वहीं संजय कुमार विश्वकर्मा ने टिकट प्राप्त कर अलग-अलग ग्राहकों को बेचने और प्रति टिकट 600 से 800 रुपये तक
लाभ कमाने की बात स्वीकार की।
लाभ कमाने की बात स्वीकार की।जांच के दौरान संजय कुमार के मोबाइल फोन की व्हाट्सऐप चैट की जांच में कुल 60 तत्काल एवं सामान्य रेलवे आरक्षित टिकटों से संबंधित जानकारी मिली। इनमें 14 टिकट ऐसे पाए गए, जिन पर हाथ से पीएनआर नंबर एवं अन्य विवरण लिखे गए थे और जिन्हें अविनाश कुमार के मोबाइल से भेजा गया था। पूछताछ में अविनाश ने काउंटर से तत्काल टिकट बनाने तथा 14 टिकट हाथ से लिखकर संजय कुमार को उपलब्ध कराने की बात स्वीकार की।
जांच अधिकारियों द्वारा दोनों से रेलवे आरक्षित टिकटों की खरीद-बिक्री के लिए वैध अधिकार पत्र प्रस्तुत करने को कहा गया, लेकिन दोनों आरोपी कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। पूछताछ में अवैध रूप से रेल आरक्षण टिकटों की खरीद-बिक्री कर अतिरिक्त रकम वसूलने की बात सामने आई।
इसके बाद मोबाइल फोन से कुल 60 तत्काल रेलवे आरक्षित टिकटों के स्क्रीनशॉट निकालकर जब्त किए गए। इन टिकटों की कुल कीमत 3,68,351 रुपये बताई गई है। मामले में रेलवे अधिनियम की धारा 143 के तहत कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया तथा अपराध क्रमांक 727/26, दिनांक 16 अगस्त 2026 को धारा 143 रेलवे एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।
सम्पूर्ण कार्रवाई के बाद उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार दोनों आरोपियों को जमानत का लाभ दिया गया। मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी अभी बाकी है और जांच जारी है।










