बलरामपुर / युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में शासन की मंशा के अनुरूप जिले में कौशल विकास को बढ़ावा दिया
जा रहा है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत जिले के लाइवलीहुड कॉलेज में युवाओं को विभिन्न रोजगारपरक ट्रेडों में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन एवं जिला रोजगार अधिकारी के नेतृत्व में संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को बाजार की मांग के अनुरूप कौशल प्रदान कर उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाया जा रहा है। लाइवलीहुड कॉलेज इसी सोच को धरातल पर साकार करने का माध्यम बन रहा है। जहां प्रशिक्षणार्थियों को उनकी रुचि और रोजगार की संभावनाओं के अनुरूप ट्रेड का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
वर्तमान में लाइवलीहुड कॉलेज में वेल्डिंग एवं जल संचालक-वितरण ट्रेड में प्रशिक्षण संचालित किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत लगभग 30 प्रशिक्षणार्थियों को संबंधित कार्य की तकनीकी जानकारी के साथ उपकरणों के उपयोग और कार्य की व्यवहारिक बारीकियों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे युवा रोजगार के साथ स्वरोजगार की दिशा में भी आगे बढ़ने के लिए तैयार हो रहे हैं।
ग्रामीण क्षेत्र में कृषि और कृषि यंत्रों की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए आगामी दिनों में ट्रैक्टर मैकेनिक ट्रेड का नया बैच प्रारंभ किया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को ट्रैक्टर के रखरखाव, सर्विसिंग, तकनीकी खराबियों की पहचान एवं मरम्मत संबंधी व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी। इससे ग्रामीण युवाओं
के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर विकसित होंगे।
लाइवलीहुड कॉलेज में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को प्रशिक्षण के साथ आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रशिक्षणार्थियों के लिए निःशुल्क आवास एवं भोजन की व्यवस्था की गई है। इससे दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले युवाओं को प्रशिक्षण के दौरान रहने और भोजन की चिंता नहीं रहती तथा वे पूरी एकाग्रता के साथ प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण, प्रायोगिक प्रशिक्षण के लिए आवश्यक उपकरण एवं संसाधन, प्रशिक्षण सामग्री तथा रोजगार एवं प्लेसमेंट संबंधी मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जा रहा है। इन सुविधाओं से युवाओं को बेहतर वातावरण में कौशल सीखने का अवसर मिल रहा है।
लाइवलीहुड कॉलेज से प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके कुछ युवाओं ने प्रशिक्षण में सीखे हुनर को अपनी आजीविका का माध्यम बनाया है। प्रशिक्षण के बाद युवाओं ने स्वयं का कार्य शुरू कर स्वरोजगार की राह अपनाई है। अब तक 287 लोगांे को प्रशिक्षण दिया है जिसमें से 217 लोग रोजगार के माध्यम से जुड़े है। प्रशिक्षण से स्वरोजगार से जुड़ने वाले युवाओं की सफलता अन्य प्रशिक्षणार्थियों के लिए भी प्रेरणा बन रही है। अब प्रशिक्षण ले रहे युवा भी अपने हुनर को रोजगार में बदलने और भविष्य में स्वयं का व्यवसाय शुरू करने के लिए उत्साहित हैं।
शासन-प्रशासन के प्रयासों से कौशल विकास की पहल आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जो जिले के युवाओं की क्षमता को अवसरों से जोड़ते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनने का मार्ग प्रदान कर रही है।
मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे श्री सुरेश कुमार ने बताया कि योजना युवाओं के लिए काफी सार्थक है। वे बताते है कि इसकी जानकारी ग्राम पंचायत के माध्यम से मिली, जिसके बाद उन्होंने लाइवलीहुड कॉलेज में पंजीयन कराया और प्रशिक्षण प्राप्त करना शुरू किया। उन्होंने बताया कि पहले उनके पास किसी प्रकार का कौशल नहीं होने के कारण रोजगार प्राप्त करने में काफी परेशानी होती थी। मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत प्रशिक्षण मिलने से उनमें आत्मविश्वास बढ़ा है और अब वे कहीं भी रोजगार के अवसर तलाशने के साथ अपने कौशल के माध्यम से स्वरोजगार भी कर सकेंगे। उन्होंने युवाओं को कौशल से जोड़ने की इस पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
इसी तरह प्लंबर ट्रेड में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे श्री कमल गुप्ता ने बताया कि उनके क्षेत्र में प्लंबिंग कार्य की काफी मांग है और उन्हें भी यह काम पसंद था, लेकिन प्रशिक्षण एवं तकनीकी जानकारी के अभाव में वे इस कार्य को व्यवस्थित रूप से करने में सक्षम नहीं थे। लाइवलीहुड कॉलेज में उन्हें निःशुल्क आवास एवं भोजन की सुविधा के साथ प्रशिक्षण मिल रहा है, जिससे वे बिना किसी आर्थिक परेशानी के अपना प्रशिक्षण पूरा कर पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण पूरा करने के बाद वे अपने गांव में ही प्लंबिंग का कार्य शुरू कर आजीविका अर्जित करना चाहते हैं। उनके लिए यह प्रशिक्षण अपने गांव में रहकर रोजगार एवं स्वरोजगार का अवसर प्राप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।










