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Bureau Report
बिश्रामपुर। कोयलांचल क्षेत्र में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। ग्राम पंचायत रवीन्द्रनगर और संजयनगर के बीच स्थित संजयनगर डेम में लगातार बढ़ते जलस्तर के बीच एक हिस्से की मिट्टी भसकने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। वहीं डेम के ओवरफ्लो होने से आसपास के निचले इलाकों में पानी भर गया है और कई घरों में पानी प्रवेश कर गया है।लगातार बारिश के कारण डेम में पानी का दबाव बढ़ता जा रहा है। मिट्टी भसकने की घटना सामने आने के बाद आसपास रहने वाले ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है। घरों और आंगन में पानी भरने के साथ ही कच्चे मकानों के कमजोर होने तथा उनके जमींदोज होने का खतरा भी मंडरा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा और जलस्तर और बढ़ा तो स्थिति गंभीर हो सकती है।
स्थिति को देखते हुए डेम के क्षतिग्रस्त हिस्से में मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है। हालांकि लगातार बारिश के बीच मरम्मत कार्य में भी परेशानी आ रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से डेम की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने और कमजोर हिस्से को तत्काल मजबूत करने की मांग की है।
खेतों में भी भर रहा पानी, फसलों को नुकसान की आशंका
भारी बारिश का असर खेती-किसानी पर भी दिखाई देने लगा है। खेतों में पानी भरने तथा लगातार बारिश के कारण
खड़ी फसलों के खराब होने की आशंका बढ़ गई है। किसानों को चिंता है कि यदि बारिश का दौर इसी तरह जारी रहा तो खेतों में खड़ी और तैयार फसलों को भारी नुकसान हो सकता है। क्षेत्र की सड़कें, निचले इलाके और जलस्रोत भी लगातार बारिश से प्रभावित हुए हैं।
खड़ी फसलों के खराब होने की आशंका बढ़ गई है। किसानों को चिंता है कि यदि बारिश का दौर इसी तरह जारी रहा तो खेतों में खड़ी और तैयार फसलों को भारी नुकसान हो सकता है। क्षेत्र की सड़कें, निचले इलाके और जलस्रोत भी लगातार बारिश से प्रभावित हुए हैं।फिल्टर प्लांट में भी बढ़ा रेण नदी का जलस्तर
लगातार बारिश के कारण बिश्रामपुर स्थित एसईसीएल फिल्टर प्लांट के पास रेण नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। बताया जा रहा है कि फिल्टर प्लांट तक पानी पहुंचने में महज एक-दो मीटर का अंतर रह गया है। यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो एसईसीएल की कॉलोनियों में पेयजल व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार घुनघुट्टा डेम के तीन गेट फिलहाल खुले हुए हैं। यदि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में और गेट खोले जाते हैं तो रेण नदी में पानी का दबाव और बढ़ सकता है। ऐसे में फिल्टर प्लांट और आसपास के क्षेत्रों में स्थिति और गंभीर होने की आशंका है। ग्रामीणों एवं कॉलोनीवासियों ने समय रहते जलस्तर की निगरानी और आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए जाने की मांग की है।










