सड़कें डूबीं, आवासीय इलाकों में भरा पानी; सांसद और महापौर ने लिया जायजा, ड्रेनेज सिस्टम पर फिर उठे सवाल
अंबिकापुर। शहर में पिछले चार दिनों से लगातार हो रही झमाझम बारिश अब लोगों के लिए आफत बनती जा रही है। देर रात हुई मूसलाधार बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति निर्मित हो गई। कुंडला सिटी कॉलोनी में बारिश का पानी सड़कों और आसपास के आवासीय क्षेत्रों में भर गया। इससे लोगों को आवाजाही सहित रोजमर्रा के कामों में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हर साल बारिश में सामने आने वाली इस समस्या ने एक बार फिर शहर की जल निकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
लगातार बारिश के बीच कुंडला सिटी में पानी निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण बड़ी मात्रा में बारिश का पानी जमा हो गया। कई स्थानों पर सड़कें पानी में डूबी नजर आईं। कॉलोनी के निचले हिस्सों में स्थिति ज्यादा खराब रही। जलभराव के कारण लोगों को घरों से बाहर निकलने और वाहनों से आवागमन करने में भी परेशानी हुई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कुंडला सिटी में बारिश के दौरान जलभराव की समस्या नई नहीं है। पिछले वर्ष भी तेज बारिश के बाद यहां इसी तरह पानी भर गया था। हर साल बारिश में हालात बिगड़ने के बावजूद अब तक ऐसी स्थायी जल निकासी व्यवस्था विकसित नहीं की जा सकी है, जिससे पानी तेजी से बाहर निकल सके। लंबे समय तक पानी जमा रहने से लोगों को परेशानी के साथ आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है।
कुंडला सिटी में जलभराव की जानकारी मिलने के बाद सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज और अंबिकापुर नगर निगम की महापौर मंजूषा भगत मौके पर पहुंचीं। दोनों जनप्रतिनिधियों ने प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया और स्थानीय स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान कॉलोनी में जमा पानी और उससे लोगों को हो रही परेशानी को भी देखा गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में जलभराव होने के बाद जनप्रतिनिधि और जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर निरीक्षण तो करते हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान अब भी नहीं हो पाया है। पिछले साल भी जलभराव के दौरान ऐसी ही स्थिति बनी थी।
लोगों का कहना है कि महज निरीक्षण और तत्काल पानी निकालने की व्यवस्था से हर वर्ष पैदा होने वाली समस्या खत्म नहीं होगी। कुंडला सिटी सहित शहर के जलभराव वाले इलाकों के लिए व्यवस्थित ड्रेनेज प्लान तैयार कर उस पर काम करने की जरूरत है। नालियों और पानी निकासी के रास्तों की क्षमता बढ़ाने के साथ यह भी सुनिश्चित करना होगा कि तेज बारिश के दौरान पानी आवासीय इलाकों में जमा न हो।
लगातार बारिश ने शहर की जल निकासी व्यवस्था की कमजोरियों को एक बार फिर सामने ला दिया है। यदि समय रहते स्थायी इंतजाम नहीं किए गए तो आने वाले दिनों में और तेज बारिश होने पर निचले इलाकों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
घुटरापारा के घरों में घुसा पानी, बेडरूम-किचन से बाल्टी लेकर पानी निकालते रहे लोग
लगातार बारिश का असर शहर के घुटरापारा इलाके में भी देखने को मिला। तेज बारिश के बाद यहां कई घरों में पानी घुस गया। हालात ऐसे बने कि परिवार के सदस्य सुबह से अपने बेडरूम और किचन में जमा पानी बाल्टियों व अन्य साधनों से बाहर निकालने में जुटे रहे। घरों में पानी भरने से लोगों का अनाज और खाने-पीने का सामान भी खराब हो गया।
जलभराव के कारण कई परिवारों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित रही। घरों में पानी भरा होने के कारण बच्चे स्कूल तक नहीं जा सके। परिवार के सदस्य सामान को पानी से बचाने और घर से पानी निकालने में लगे रहे। स्थानीय लोगों के मुताबिक तेज बारिश होने पर घुटरापारा में हर साल इसी तरह के हालात बनते हैं।
घुटरापारा की बस्तियों के लिए महामाया पहाड़ से तेज बहाव के साथ नीचे उतरने वाला बारिश का पानी बड़ी समस्या बनता है। भारी बारिश के दौरान बड़ी मात्रा में पानी निचले इलाकों की ओर पहुंचता है और पर्याप्त निकासी व्यवस्था नहीं होने के कारण बस्तियों में भरने लगता है। कई बार स्थिति बाढ़ जैसे हालात में बदल जाती है।
भारी बारिश के कारण बलरामपुर जिले के स्कूलों में रही छुट्टी
बलरामपुर जिले में लगातार हो रही अतिवृष्टि से जनजीवन प्रभावित होने और विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के सभी स्कूलों में आज 2 सितंबर 2026 को एक दिवसीय अवकाश घोषित किया गया है।
जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव ने 1 सितंबर को आदेश जारी करते हुए जिले के अंतर्गत आने वाले समस्त शासकीय, अशासकीय एवं अनुदान प्राप्त विद्यालयों को 2 सितंबर को बंद रखने के निर्देश दिए हैं। आदेश में कहा गया है कि अतिवृष्टि के कारण उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है। जिले के सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, प्राचार्यों एवं संस्था प्रमुखों को आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।










