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Bureau Report
शिशु खलखो ने कहाकृपहले इलाज में अधिक खर्च से बिगड़ती थी घर की आर्थिक स्थिति, अब आयुष्मान कार्ड बना सहारा
अम्बिकापुर / कहते हैं कि स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन है, लेकिन जब परिवार का कोई सदस्य बीमार पड़ता है तो उपचार पर होने वाला खर्च कई बार परिवार के लिए बड़ी आर्थिक चुनौती बन जाता है। सीमित आय वाले परिवारों को इलाज के लिए अपनी बचत खर्च करने के साथ ही कई बार कर्ज लेने अथवा अन्य आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे परिवारों के लिए आयुष्मान भारत योजना उपचार के खर्च की चिंता कम करने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है।सेवा संकल्प अभियान के दौरान जिले में जनकल्याणकारी योजनाओं से लोगों के जीवन में आए बदलाव की ऐसी ही कहानियां सामने आ रही हैं। इन्हीं में बतौली विकासखंड की ग्राम पंचायत घोघरा निवासी श्रीमती शिशु खलखो की कहानी भी शामिल है। इलाज पर होने वाला खर्च कभी उनके और उनके परिवार के लिए बड़ी चिंता का कारण था। अब आयुष्मान कार्ड बनने से उन्हें जरूरत पड़ने पर पांच लाख रुपए तक निःशुल्क उपचार की सुविधा मिलने का भरोसा मिला है।
समस्या का हुआ समाधान

श्रीमती शिशु खलखो ने बताया कि उनकी समस्या का समाधान सुशासन तिहार के दौरान हुआ और उनका आयुष्मान कार्ड बन गया। कार्ड बनने के बाद अब उन्हें बीमारी की स्थिति में उपचार पर आने वाले बड़े खर्च को लेकर पहले जैसी चिंता नहीं है।
उन्होंने बताया कि पहले परिवार में किसी के बीमार होने पर इलाज में काफी राशि खर्च हो जाती थी। इससे घरेलू बजट प्रभावित होता था और परिवार की आर्थिक स्थिति पर अतिरिक्त बोझ पड़ता था। सीमित संसाधनों में उपचार का खर्च जुटाना कठिन होता था। अब आयुष्मान कार्ड बनने से उन्हें बड़ी राहत मिली है।
इलाज की चिंता से राहत, परिवार को मिला स्वास्थ्य सुरक्षा का संबल
आयुष्मान कार्ड ने शिशु खलखो के परिवार को केवल उपचार की सुविधा का भरोसा ही नहीं दिया, बल्कि बीमारी के समय आने वाले आकस्मिक आर्थिक बोझ की चिंता भी कम की है। अब परिवार जरूरत पड़ने पर आर्थिक स्थिति की चिंता किए बिना पात्रता एवं योजना के प्रावधानों के अनुरूप उपचार की सुविधा प्राप्त कर सकेगा।
सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से ऐसी जनकल्याणकारी योजनाओं और उनसे लाभान्वित हितग्राहियों की कहानियां जन-जन तक पहुंच रही हैं। शिशु खलखो की कहानी बताती है कि पात्र व्यक्ति तक योजना का लाभ पहुंचने से स्वास्थ्य जैसी महत्वपूर्ण आवश्यकता में परिवार को आर्थिक सुरक्षा और संबल मिल रहा है।










