बलरामपुर, / बिजली बिल से राहत की पहल तेज, कलेक्टर ने पीएम सूर्य घर योजना को गति देने के लिए बिजली विभाग, बैंक और वेंडरों के संबंधितों के साथ ली बैठक।
बैठक में कलेक्टर ने वेंडरों को खुला मंच देते हुए उनसे सीधे संवाद किया। वेंडरों ने सोलर इंस्टॉलेशन के दौरान आने वाली व्यावहारिक समस्याएं रखीं और उनके समाधान के सुझाव भी साझा किए। कलेक्टर ने कहा कि जमीनी स्तर पर काम करने वालों के अनुभव के आधार पर ही जिले में योजना के लिए बेहतर और प्रभावी रणनीति तैयार की जा सकेगी। उन्होंने विद्युत विभाग, बैंकों और वेंडरों को आपसी तालमेल से हितग्राहियों को योजना से जोड़ने के निर्देश दिए तथा स्वीकृति, ऋण वितरण और सोलर इंस्टॉलेशन की प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा निरंतर जारी रखने को कहा।
कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने योजना की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए जिले में 2000 घरों में सोलर संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया। बैठक में अग्रणी जिला प्रबंधक श्री मुकुंद कर्ण, सीएसपीडीसीएल के अभियंता एवं कनिष्ठ अभियंता, बैंकों के प्रतिनिधि तथा वेंडर उपस्थित रहे। योजना के महत्व को रेखांकित करते हुए कलेक्टर ने कहा कि घर की छत पर लगा सोलर संयंत्र परिवार के लिए लंबे समय का निवेश है। इससे बिजली बिल का
बोझ तो घटता है, इसके साथ ही सरप्लस बिजली ग्रिड को देकर अतिरिक्त आय का अवसर मिलता है और स्वच्छ ऊर्जा को भी बढ़ावा मिलता है। सरकार की सब्सिडी और बैंकों से सुलभ ऋण के कारण सामान्य परिवार भी आसानी से यह सुविधा अपना सकते हैं। लक्ष्य की समय पर प्राप्ति के लिए कलेक्टर ने योजना में रुचि रखने वाले लोगों से संबंधित अधिकारियों को ज्यादा से ज्यादा आवेदन लेने के निर्देश दिए। क्लस्टर बनाकर शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए, इसके लिए कलेक्टर ने पहले गांवों और वार्डों में व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक लोग शिविरों तक पहुंच सकें। बिजली विभाग को सभी शासकीय कार्यक्रमों में स्टॉल लगाकर योजना की जानकारी आमजन तक पहुंचाने को भी कहा गया।
बैंकों को आवेदन सोर्सिंग बढ़ाने और लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश देते हुए कलेक्टर ने कहा कि योजना के तहत ऋण लेने में किसी भी नागरिक को कठिनाई नहीं होनी चाहिए। पात्र हितग्राहियों को बिना अनावश्यक बाधा के समय पर लाभ दिलाना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी आवेदन बिना ठोस कारण के अस्वीकृत न किया जाए और निरस्त होने की स्थिति में आवेदक को इसका स्पष्ट कारण अनिवार्य रूप से बताया जाए।









