अम्बिकापुर / गांव की महिलाओं तक मातृत्व से जुड़ी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में आंगनबाड़ी केंद्र महत्वपूर्ण कड़ी बन रहे हैं। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत अम्बिकापुर के ग्राम कतकलो की प्रभावती की कहानी भी इसी व्यवस्था के सकारात्मक परिणाम को सामने लाती है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से मिली जानकारी और सहयोग के बाद प्रभावती प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से जुड़ीं और गर्भावस्था के दौरान उन्हें 5 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिली।
प्रभावती बताती हैं कि गर्भवती होने के दौरान उनकी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का लाभ दिलाने में सहयोग किया। योजना के तहत उन्हें 5 हजार रुपये की राशि दो किश्तों में प्राप्त हुई। गर्भावस्था के महत्वपूर्ण समय में मिली इस राशि का उपयोग उन्होंने अपने खान-पान पर किया।
आर्थिक सहायता से पोषण पर दे सकीं ध्यान
प्रभावती के अनुसार गर्भावस्था के दौरान सही खान-पान पर ध्यान देना जरूरी था। योजना से राशि मिलने के बाद उन्हें अपनी पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने में सहायता मिली। उन्होंने बताया कि वे अपने खान-पान का सही तरीके से
ध्यान रख पाईं और उनका बच्चा स्वस्थ हुआ।
प्रभावती कहती हैं, “जब मैं गर्भवती थी, तब मुझे 5 हजार रुपये दो किश्तों में मिले। मैंने इस राशि को अपने खान-पान में लगाया। इससे मैं अपने खान-पान पर सही तरीके से ध्यान दे पाई और मेरा बच्चा स्वस्थ हुआ।
आंगनबाड़ी के माध्यम से महिलाओं तक पहुंच रही योजना
प्रभावती का अनुभव बताता है कि जमीनी स्तर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से पात्र महिलाओं को योजनाओं की जानकारी देने और उनका लाभ दिलाने की प्रक्रिया मातृ एवं शिशु देखभाल में सहयोगी बन रही है। प्रभावती ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।
उन्होंने योजना के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से महिलाओं को सहयोग मिल रहा है।









