सेमीफाइनल में वंडर वुमेन को 6 विकेट से हराकर फाइनल में बनाई जगह — समाज की ओर से महिला खिलाड़ियों का सम्मान
भाटापारा। विगत दिनों आयोजित महिला क्रिकेट लीग में सिख समाज की महिला क्रिकेट टीम “खालसा प्राइड” ने शानदार खेल प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल मुकाबले में वंडर वुमेन टीम को 6 विकेट से पराजित कर अपनी खेल प्रतिभा, अनुशासन और टीम भावना का परिचय दिया।
7 ओवर के इस रोमांचक सेमीफाइनल मुकाबले में वंडर वुमेन टीम ने 23 रन बनाकर 24 रन का लक्ष्य खालसा प्राइड के सामने रखा। खालसा प्राइड की खिलाड़ियों ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 5वें ओवर में ही 24 रन का लक्ष्य हासिल कर लिया और 6 विकेट से शानदार जीत दर्ज की।
यह जीत केवल मैदान पर मिली सफलता नहीं, बल्कि समाज की बेटियों के आत्मविश्वास, मेहनत और खेल के प्रति समर्पण का प्रतीक है। महिला खिलाड़ियों ने यह संदेश दिया कि “जब बेटियों को अवसर, प्रोत्साहन और विश्वास मिलता है, तो वे हर क्षेत्र में समाज का नाम रोशन कर सकती हैं।”
महिला खिलाड़ियों का किया गया सम्मान
महिलाओं का उत्साहवर्धन करने के उद्देश्य से गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा की ओर से खालसा प्राइड टीम की खिलाड़ियों को स्मृति चिन्ह, प्रमाण-पत्र एवं विजय कप प्रदान कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा के अध्यक्ष श्री बबलू चावला, सचिव श्री राजा गुम्बर, कोषाध्यक्ष श्री हर भगवान गुम्बर, संरक्षक श्री बलवंत सिंह सलूजा, श्री रंजीत चावला, श्री अमरजीत सिंह सलूजा, ज्ञानी निरंजन सिंह सहित सिख समाज के अनेक प्रमुख सदस्य एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।
समाज की ओर से टीम की सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों को स्मृति चिन्ह एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं।
खालसा प्राइड टीम
कप्तान: प्रभजोत कौर राणा
टीम स्वामी: सतिंदर कौर सलूजा
कोच कुलदीप सिंह खालसा वा सभी खिलाड़ीयो
मनप्रीत कौर सलूजा
प्रतिष्ठा शर्मा
दुर्गा कुमारी
प्रिया बालानी
तरन राजपाल
सिमरन चावला
आचल गुम्बर
शिबी सचदेव
प्रेरणादायक संदेश
“मैदान में जीत सिर्फ स्कोर से नहीं, हौसले से हासिल होती है।
हमारी बेटियां जब आगे बढ़ती हैं, तो पूरा समाज आगे बढ़ता है।
खालसा प्राइड की यह जीत आने वाली पीढ़ियों की बेटियों के लिए एक नई प्रेरणा है।”
सिख समाज ने खालसा प्राइड की सभी खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि महिला खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। ऐसे आयोजनों से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ता है और उन्हें अपनी प्रतिभा को बड़े मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है।
“खेलो, आगे बढ़ो और समाज का नाम रोशन करो — यही हमारी बेटियों की असली जीत है।”









